एडिलेड ओवल में तीसरे टेस्ट के तीसरे दिन, ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को 356 रनों से आगे धकेल दिया, और ट्रैविस हेड की अजेय 142 की पारी ने इंग्लैंड की एशेज जीत की उम्मीदों को जमीन पर तिल तिल कर दिया। शुक्रवार, 19 दिसंबर, 2025 को दोपहर 11:03 बजे (यूके समय) खेल के अंत तक, ऑस्ट्रेलिया का दूसरी पारी का स्कोर 271-4 था, जबकि हेड अभी भी क्रीज पर थे। यह उनकी टेस्ट क्रिकेट में ग्यारहवीं शतक पारी थी — और यह एक ऐसा प्रदर्शन था जिसने न सिर्फ इंग्लैंड को चौंका दिया, बल्कि एशेज सीरीज का निर्णय भी लगभग कर दिया।
एडिलेड की गर्मी और इंग्लैंड की थकान
दूसरे दिन के दौरान इंग्लैंड के कप्तान बेंजामिन एंड्रयू स्टोक्स ने 40 डिग्री सेल्सियस की गर्मी में 7 घंटे से अधिक बल्लेबाजी की — बिना किसी विश्राम के। उन्होंने तीसरे दिन की सुबह जोफरा आर्चर के साथ 61 रन जोड़े, जिससे इंग्लैंड को एक छोटी सी उम्मीद जग गई। लेकिन अब स्टोक्स की फिटनेस को लेकर बड़े सवाल उठ रहे हैं। वे अभी तक ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी में गेंदबाजी नहीं कर पाए हैं। स्काई स्पोर्ट्स के विश्लेषण के मुताबिक, उनकी बल्लेबाजी की थकान उनकी गेंदबाजी की क्षमता को खतरे में डाल सकती है। जबकि आर्चर भी चोट से बाहर थे, उनकी वापसी भी अब एक बड़ा सवाल बन गई है।
ऑस्ट्रेलिया का ठंडा और गणितीय तरीका
ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस, जो कुछ महीनों के चोट के बाद वापस आए हैं, अपनी टीम को एक बड़ा लीड बनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनका लक्ष्य स्पष्ट है: 450 रन से अधिक का लीड। उनके गेंदबाजों के लिए यह एक आदर्श पिच बन रही है — धीरे-धीरे बदलती हुई, और नाथन लायन के लिए घूमने वाली। स्काई स्पोर्ट्स के कमेंटेटर माइकल एथरटन और नस्सर हुसैन ने कहा, "इंग्लैंड ने पिछले दौरों में चौथी पारी में बड़े लक्ष्यों का पीछा किया है, लेकिन यह अलग है। एशेज के साथ खेल रहे हैं, और लक्ष्य 450+ है।" यह वह दबाव है जिसे इंग्लैंड ने कभी नहीं झेला।
हेड की शतक पारी: एक रोमांचक यात्रा
हेड की पारी बस एक शतक नहीं थी — यह एक ड्रामा था। जब वह 99 पर थे, तो एक बाउंसर ने उनकी बल्ले के किनारे से बाउंड्री की ओर ले जाने का अवसर छीन लिया। उनके बल्ले का टकराव एक बार फिर एक अनुमानित बैकस्ट्रॉक के लिए लगा। लेकिन फिर एक अनिवार्य लॉन्ग-ऑन शॉट ने उन्हें शतक पर पहुंचा दिया। एडिलेड के दर्शकों ने उन्हें खड़े होकर तालियां बजाईं। ऑस्ट्रेलियाई टीम ने इसे एक राष्ट्रीय उपलब्धि के रूप में मनाया। यह उनकी आठवीं टेस्ट शतक थी जो एडिलेड में बनी।
इंग्लैंड के लिए असंभव लग रहा है चौथी पारी
अगर ऑस्ट्रेलिया 450+ का लीड बना लेती है, तो इंग्लैंड को 450 रन बनाने होंगे — जो टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में कभी नहीं बनाया गया है। पिछले 150 सालों में, चौथी पारी में सबसे बड़ा टारगेट जिसे इंग्लैंड ने पूरा किया है, वह 404 था (1948 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ)। आज की पिच बहुत अलग है — धीमी, टूटी हुई, और लायन के लिए बहुत अनुकूल। जब लायन गेंद फेंकता है, तो बल्लेबाजों को अपने बल्ले के नीचे नहीं, बल्कि अपने निर्णयों के नीचे झुकना पड़ता है।
एशेज सीरीज का अंतिम निर्णय?
ऑस्ट्रेलिया ने पांच मैचों की सीरीज में अब तक 2-0 की बढ़त बना रखी है। अगर वे तीसरा टेस्ट जीत जाते हैं, तो यह उनकी तीसरी जीत होगी — और एशेज उनके पास ही रहेगी, दो मैच बाकी रहते हुए। यह ऐसा दृश्य है जो ऑस्ट्रेलियाई फैन्स के लिए दशकों में दुर्लभ है। पिछली बार जब ऑस्ट्रेलिया ने एशेज दो मैच बाकी रहते हुए जीत लिया था, तो वह 2010-11 में हुआ था। उस समय भी एडिलेड ओवल पर एक शतक ने फैसला किया था — रिकी पॉन्टिंग का।
क्या इंग्लैंड के पास कोई रास्ता है?
कोई रास्ता नहीं है — अगर आप वास्तविकता को देखें। लेकिन क्रिकेट में कभी-कभी असंभव होता है संभव। इंग्लैंड के लिए अब एक ही रास्ता है: जल्दी से चार विकेट लेना, फिर एक अजेय बल्लेबाजी दिखाना। लेकिन यह एक ऐसी चुनौती है जिसे किसी ने अभी तक नहीं जीता। उनके लिए एकमात्र आशा है — एक बार फिर दुनिया को हैरान कर देना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ट्रैविस हेड की यह पारी ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट इतिहास में कैसे स्थान रखती है?
ट्रैविस हेड की यह अजेय 142 की पारी उनकी टेस्ट क्रिकेट में ग्यारहवीं शतक है, और यह एडिलेड ओवल पर उनकी आठवीं शतक है। ऑस्ट्रेलियाई इतिहास में, एक ही मैच में दो शतक बनाने वाले बल्लेबाजों में उनका नाम शामिल है — जिनमें रिकी पॉन्टिंग और स्टीव स्मिथ भी शामिल हैं। यह एक ऐसा प्रदर्शन है जो एशेज सीरीज में आज तक के सबसे निर्णायक पारियों में से एक है।
इंग्लैंड के लिए चौथी पारी में 450+ रन बनाना संभव है?
नहीं, इस तरह का कोई उदाहरण टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में नहीं है। सबसे बड़ा चौथी पारी का लक्ष्य जिसे इंग्लैंड ने पूरा किया है, वह 404 रन था (1948 में)। आज की पिच उस समय से कहीं अधिक कठिन है — धीमी, टूटी हुई, और लायन के लिए आदर्श। इंग्लैंड के बल्लेबाजों की टीम में अभी तक कोई ऐसा बल्लेबाज नहीं है जो इतने बड़े लक्ष्य का सामना कर सके।
स्टोक्स की फिटनेस के बारे में क्या चिंताएं हैं?
स्टोक्स ने दूसरे दिन 40 डिग्री सेल्सियस में 7 घंटे से अधिक बल्लेबाजी की, जिसके बाद उन्होंने तीसरे दिन की सुबह गेंदबाजी नहीं की। उनकी टीम के डॉक्टर उनकी थकान और मांसपेशियों की स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। अगर वे चौथे दिन गेंदबाजी नहीं कर पाते, तो इंग्लैंड के पास केवल एक अनुभवी गेंदबाज जोफरा आर्चर होगा — जो भी अभी अपनी चोट से बाहर आ रहे हैं।
क्या ऑस्ट्रेलिया इस टेस्ट को जीतकर एशेज जीत चुकी होगी?
हाँ। अगर ऑस्ट्रेलिया तीसरा टेस्ट जीत जाती है, तो वह सीरीज में 3-0 बना देगी — और एशेज जीत चुकी होगी, क्योंकि अब दो मैच बाकी हैं। इससे पहले ऐसा 2010-11 में हुआ था, जब ऑस्ट्रेलिया ने एडिलेड में ही एशेज जीत ली थी। यह एक ऐसा पल है जो ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट इतिहास में दर्ज हो जाएगा।
एडिलेड ओवल क्यों इतना महत्वपूर्ण है एशेज के लिए?
एडिलेड ओवल ऑस्ट्रेलिया का एक ऐसा मैदान है जहां टीम अक्सर अपने बल्लेबाजों के लिए बेहतरीन पिच बनाती है। यहां की पिचें धीमी होती हैं, लेकिन धीरे-धीरे बदलती हैं — जो नाथन लायन और ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर्स के लिए आदर्श है। इसके अलावा, यहां के दर्शक अपनी टीम के लिए अद्भुत समर्थन करते हैं। इसलिए यहां जीतना एक राष्ट्रीय जीत के बराबर है।
इंग्लैंड के लिए अगले दो मैच क्या निर्णायक होंगे?
अगर ऑस्ट्रेलिया तीसरा टेस्ट जीत लेती है, तो इंग्लैंड को अगले दो मैचों में जीत के साथ एशेज वापस लाने के लिए एक असंभव लक्ष्य होगा। उन्हें दोनों मैच जीतना होगा — और उसके बाद भी अगर ऑस्ट्रेलिया ने एक भी मैच जीत लिया, तो वे एशेज खो देंगे। यह एक ऐसा दबाव है जिसे किसी इंग्लैंड टीम ने कभी नहीं झेला है।
दिसंबर 21, 2025 AT 08:10
Aman kumar singh
ये ट्रैविस हेड तो असली बॉस है भाई। एडिलेड की गर्मी में इतना बल्लेबाजी करना, जबकि इंग्लैंड के सारे बल्लेबाज थक चुके थे। ये पारी देखकर लगा जैसे ऑस्ट्रेलिया का खून गर्म हो गया। एशेज अब तो बस फॉर्मलिटी हो गई।
दिसंबर 23, 2025 AT 05:32
Boobalan Govindaraj
भाई ये हेड ने तो इंग्लैंड के सपने उड़ा दिए। मैंने तो सोचा था इंग्लैंड लौट आएगा पर नहीं भाई ये तो एकदम बर्बर लग रहा है। ऑस्ट्रेलिया के लिए ये दिन यादगार हो जाएगा।
दिसंबर 23, 2025 AT 23:38
mohit saxena
लायन का स्पिन अब इंग्लैंड के लिए जानलेवा हो गया है। देखो तो बल्लेबाज बल्ला घुमाने की जगह अपने निर्णयों पर झुक रहे हैं। ये पिच तो बिल्कुल ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर्स के लिए बनाई गई है।
दिसंबर 25, 2025 AT 01:22
Sandeep YADUVANSHI
इंग्लैंड के लिए ये बस एक दर्दनाक बुलेटिन है। 450 रन? भाई तुम लोगों को तो 250 भी नहीं बनाने आते। ये टेस्ट क्रिकेट है या टी20 जहां बल्लेबाज खुद को चेतावनी देते हैं?
दिसंबर 26, 2025 AT 06:33
Vikram S
इंग्लैंड की टीम एक असफलता का संग्रह है। स्टोक्स थका हुआ, आर्चर चोटिल, बल्लेबाजी बेकार। और फिर भी वो एशेज जीतने की बात करते हैं? ये तो एक अपराध है क्रिकेट के नाम पर।
दिसंबर 28, 2025 AT 06:02
nithin shetty
हेड की 142 की पारी ने तो बस इंग्लैंड को नहीं बल्कि सारे टेस्ट क्रिकेट के इतिहास को एक नया अध्याय दिया। ये शतक सिर्फ रनों का नहीं बल्कि दबाव के खिलाफ एक जीत है।
दिसंबर 28, 2025 AT 14:42
Arjun Kumar
अरे भाई ये ऑस्ट्रेलिया को जीतने का मौका मिल गया तो अब इंग्लैंड के लिए तो बस बेहतरीन खेलने का बचा हुआ दिन है। नहीं तो ये सीरीज तो अब बस एक फॉर्मलिटी है।
दिसंबर 29, 2025 AT 00:22
RAJA SONAR
हेड की ये पारी देखकर लगा जैसे ऑस्ट्रेलिया का राष्ट्रीय गुण जाग गया। ये बल्लेबाजी नहीं ये तो एक भावना है। इंग्लैंड के लिए ये तो एक अंत है। अब बस नमन करो और चले जाओ।
दिसंबर 29, 2025 AT 21:56
Mukesh Kumar
भाई ये ऑस्ट्रेलिया का खेल देखकर लगता है जैसे ये टीम जीतने के लिए जन्मी है। हेड ने तो अपने बल्ले से इंग्लैंड के दिल तोड़ दिए। ये जीत तो दशकों बाद की है।
दिसंबर 31, 2025 AT 12:45
Shraddhaa Dwivedi
मैं तो बस ये कहना चाहती हूं कि ट्रैविस हेड की इस पारी ने न सिर्फ एक मैच बदला बल्कि एक नस्ल को भी प्रेरित किया। ऑस्ट्रेलिया के लिए ये एक ऐतिहासिक पल है।
जनवरी 1, 2026 AT 13:38
Govind Vishwakarma
इंग्लैंड के लिए ये सिर्फ एक हार नहीं ये तो एक चेतावनी है। उनकी टीम तो अब बस एक अस्थायी विराम है। जब तक वो अपनी टीम को बदल नहीं देते तब तक ये लहर बंद नहीं होगी।
जनवरी 2, 2026 AT 09:59
Jamal Baksh
यह एक ऐतिहासिक दिन है जिसे आने वाली पीढ़ियाँ याद करेंगी। ट्रैविस हेड ने न केवल एक शतक बनाया, बल्कि एक राष्ट्रीय आत्मविश्वास को जन्म दिया। इंग्लैंड के लिए यह एक निर्णायक अवसर था, लेकिन यह अवसर उनके हाथों से फिसल गया।
जनवरी 2, 2026 AT 12:31
dinesh baswe
हेड की ये पारी तो बस एक शतक नहीं थी, ये तो एक विजय गीत था। ऑस्ट्रेलिया के लिए ये एक ऐसा पल है जिसे दशकों बाद फिर से याद किया जाएगा। इंग्लैंड के लिए तो अब बस एक शांति की तलाश है। ये तो जीत नहीं, ये तो एक बारिश है जिसने सब कुछ बहा दिया।