वायनाड: केरल का हरियाली वाला हिल स्टेशन और ट्रैवल टिप्स

वायनाड में चेम्ब्रा पीक के पास जो हृदय के आकार का तालाब है, वह तस्वीरों में ही नहीं बल्कि अनुभव में भी खास है। अगर आप प्रकृति, ट्रेकिंग और कॉफी-प्लांटेशन की खोज में हैं तो वायनाड शानदार जगह है। यहाँ की ठंडी हवा, घने जंगल और चाय‑कॉफी की खुशबू याद रहेगी।

क्यों जाएँ? क्या खास है?

वायनाड में मिलते हैं भिन्न-भिन्न अनुभव—घने देवदार और चमेली के जंगल, ऐतिहासिक एडक्कल गुफाएँ जिनकी भित्ति-लिखाइयाँ हजारों साल पुरानी लगती हैं, और बानासुरा सागर बाँध जो छोटे-छोटे द्वीपों के साथ शांत पानी देता है। वन्यजीव प्रेमियों के लिए थोलपेट्टी या मुदुमलई जैसे रिज़र्व में हाथियों और गुज़रते हिरणों की आशा कर सकते हैं।

ट्रेकर्स के लिए चेम्ब्रा पीक और अन्नामलई पर्वत शानदार रूट हैं। परिवार के साथ जा रहे हों तो पूकोडे झील और बानासुरा सागर आराम से घूमने वाले स्थान हैं।

यात्रा योजना: कैसे पहुंचें और कब जाएँ

सबसे अच्छा समय: सितंबर से मई तक — मौसम ठंडा और साफ़ रहता है। मानसून (जून-अगस्त) में बारिश बहुत होती है, रास्ते फिसलन भरे हो सकते हैं।

कैसे पहुंचें: नज़दीकी एयरपोर्ट कोझिकोड (Calicut) और कन्नूर हैं; दोनों से टैक्सी या बस से वायनाड पहुंचा जा सकता है। नज़दीकी बड़ी रेलवे स्टेशन कोझिकोड और मैसूर हैं। सड़क मार्ग से केरल और कर्नाटक की अच्छी कनेक्टिविटी है—गीली सर्दियों और मानसून में ड्राइव संभलकर करें।

लोकल ट्रेवल: घुमने के लिए टैक्सी या बाइक रेंट लेना सुविधाजनक है। कुछ ट्रेक्स के लिए गाइड लेना ज़रूरी होता है—खासतौर पर एडक्कल गुफाओं और चेम्ब्रा ट्रेक पर।

आवास और खाना: वायनाड में बेस प्राइस से लेकर लक्ज़री रिज़ॉर्ट तक मिल जाएगा। होमस्टे यहाँ का खास अनुभव देते हैं—स्थानीय खाना, कॉफी-चाय, और खेतों का करीब महसूस कराने के लिए ये बेहतर हैं। स्थानीय व्यंजन में कच्ची/ताजा सीफूड, मलबार स्टाइल करी और घर के बने स्नैक्स ट्राय करें।

जरूरी टिप्स और सुरक्षा: 1) ट्रेक पर अच्छे जूतों और रेनकोट का साथ रखें। 2) रात में जंगल के पास अकेले न जाएँ और मोबाइल चार्ज रखें। 3) प्लास्टिक कम से कम रखें और स्थानीय नियमों का सम्मान करें। 4) वन्यजीव क्षेत्रों में निर्देशित सफारी और परमिट की ज़रूरत पड़ सकती है—पहले चेक कर लें।

2-दिन का सिंपल इंटिनरेरी: पहला दिन—कहने के अनुसार चेम्ब्रा पीक ट्रेक, पूकोडे झील शाम। दूसरा दिन—एडक्कल गुफाएँ सुबह, बानासुरा सागर और गाँव की हौमस्टे लाइफ अनुभव।

वायनाड शान्ति और एडवेंचर का सही मिश्रण है। क्या आप फोटोग्राफी, ट्रेकिंग या सिर्फ़ आराम चाहते हैं—यहाँ हर तरह का अनुभव मिलता है। यात्रा से पहले मौसम और सड़क की स्थिति देख लेना, और स्थानीय लोगों से सलाह लेना हमेशा काम आता है।

मोहलाल ने वायनाड भू-स्खलन पुनर्वास के लिए 3 करोड़ रुपये देने का वचन दिया 3 अगस्त 2024

मोहलाल ने वायनाड भू-स्खलन पुनर्वास के लिए 3 करोड़ रुपये देने का वचन दिया

John David 0 टिप्पणि

प्रसिद्ध मल्यालम अभिनेता और भारतीय प्रादेशिक सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल मोहनलाल ने वायनाड में हाल के भूस्खलनों से प्रभावित पुनर्वास प्रयासों के लिए 3 करोड़ रुपये देने का वादा किया है। उन्होंने आपदाग्रस्त क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का आकलन किया और अपनी समर्थन की पेशकश की।