मार्केट रैली: क्या चल रहा है और आप क्या करें

शेयर बाजार अचानक तेजी दिखाए तो निवेशक उत्साहित भी होते हैं और घबराए भी। हालिया रैलियों में बैंकिंग शेयरों की बढ़त, IPO की उम्मीद और वैश्विक संकेत प्रमुख वजह रहे हैं। यहां सरल भाषा में बताऊंगा कि रैली क्यों होती है, इसका असर क्या होता है और आप कैसे समझदारी से कदम उठा सकते हैं।

क्यों उठती है रैली?

कई बार एक साथ कई सकारात्मक बातें मिल जाएँ तो बाजार रैली करता है। उदाहरण के लिए, जब बैंकों के तिमाही नतीजे अच्छे आते हैं या बड़ी कंपनियों के किफायती नतीजे आते हैं तो निवेशक खरीददारी बढ़ाते हैं। Ather Energy जैसे IPO की खबरें भी घरेलू उत्साह बढ़ाती हैं—ग्रे मार्केट प्रीमियम से शुरुआती रुचि पता चलती है।

वैश्विक संकेत भी असर डालते हैं। कभी-कभी विदेशों में बड़ी गिरावट (जैसे Nikkei में तेज़ गिरावट) से ग्लोबल जोखिम की धारणा बढ़ती है और स्थानीय बाजार अस्थिर हो सकता है। वहीं आर्थिक सर्वे या सरकार के अच्छे संकेत, जैसे GDP के बेहतर अनुमान, रैली को हवा दे सकते हैं।

रैली का असर और क्या देखें

रैली से शेयरों के दाम तेज़ी से बढ़ते हैं, पर सभी कंपनियाँ बराबर नहीं बढ़तीं। बैंकिंग सेक्टर अक्सर रैली में आगे रहता है क्योंकि बैंकिंग परिणाम सीधे बाजार धारणा को प्रभावित करते हैं। Ather जैसे IPO में शुरुआती दिन का ग्रे मार्केट प्रीमियम और सब्सक्रिप्शन प्रतिशत आपको मांग का संकेत देते हैं।

ध्यान रखें: कभी-कभी रैली में छोटे और मिडकैप शेयर ज्यादा तेजी दिखाते हैं—पर ये अधिक जोखिम वाले होते हैं। वैश्विक खबरें, घरेलू मुद्रास्फीति और RBI के संकेत भी रैली को पलट सकते हैं।

निवेश करते समय भावनाओं पर न जाएँ। रैली का मतलब यह नहीं कि सभी खरीद लें। सही निर्णय के लिए थोड़ी रणनीति चाहिए।

निवेश के व्यावहारिक कदम

1) उद्देश्य तय करें: अल्पकालिक मुनाफा या लंबी अवधि के लिए निवेश? रैली में यदि आप ट्रेड कर रहे हैं तो स्पष्ट टार्गेट और स्टॉप-लॉस रखें।

2) फंडामेंटल पर ध्यान दें: जिन कंपनियों की कमाई और बैलेंस शीट मजबूत है, वे रैली में टिकती हैं। केवल खबरों या हल्ले पर खरीदना जोखिम बढ़ाता है।

3) डायवर्सिफाई करें: सिर्फ एक सेक्टर पर भरोसा न रखें। बैंकिंग, एफएमसीजी और टिकाऊ टेक्नोलॉजी जैसे सेक्टर्स का संतुलन रखें।

4) SIP और ट्रांजैक्शन साइज़: लंबी अवधि के लिए SIP बेहतर है। अगर रैली में ट्रेड कर रहे हैं तो छोटे आकार की पोजीशन लें और टाईट रिक्स-मैनेजमेंट अपनाएँ।

5) खबरों से अपडेट रहें: मालदा समाचार जैसी लोकल और राष्ट्रीय खबरों पर नजर रखें। ताज़ा नतीजे, IPO अपडेट और ग्लोबल मार्केट मूवमेंट रियल टाइम में असर डालते हैं।

रैली एक मौका है, पर योजना के बिना जोखिम भी बड़ा है। शांत दिमाग से निर्णय लें, छोटी-छोटी सुरक्षा पर ध्यान दें और जरूरत पड़े तो सलाह लें। हमारी मार्केट रैली टैग पर रोज़ नई खबरें और विश्लेषण मिलते हैं—नज़र बनाए रखें।

अडानी समूह के शेयरों में उछाल से बाजार में तेज वृद्धि, विदेशी निवेश का भी योगदान 27 नवंबर 2024

अडानी समूह के शेयरों में उछाल से बाजार में तेज वृद्धि, विदेशी निवेश का भी योगदान

John David 0 टिप्पणि

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