माँ की भूमिका: बच्चे पर पड़ने वाला असल असर

क्या आप जानते हैं कि किस्मत नहीं, रोज़मर्रा की आदतें बच्चों की तकदीर बनाती हैं? माँ की मौजूदगी, उसकी प्रतिक्रियाएं और दिनचर्या बच्चे के सीखने, आत्मविश्वास और भावनात्मक सुरक्षा को सीधे प्रभावित करती हैं। छोटे-छोटे काम — जैसे समय पर खाना, कहानी सुनाना, गले लगाना — बड़े बदलाव ला सकते हैं।

भावनात्मक सुरक्षा और आत्मविश्वास

जब माँ सुनती है, समझती है और बिना जल्दी के प्रतिक्रिया देती है, बच्चे में भरोसा बनता है। इससे वो लोग बनाने, गलती करने और फिर सीखने में सहज महसूस करते हैं। कुछ आसान तरीके: बच्चे की बात ध्यान से सुनें, उसकी भावनाओं का नाम बताकर स्वीकार करें ("तुम डर रहे हो"), और तारीफ में खास बनें — "तुमने आज खुद से जूते पहन लिए, बढ़िया!"।

तनाव भरे पल में ठंडा दिमाग रखकर प्रतिक्रिया देना सबसे बड़ा सबक है। बच्चा रो रहा है तो पहले उसे शांत करें, फिर कारण समझें। बार-बार चीखने या सजा देने से भय बनता है, न कि समझ।

रोज़मर्रा के छोटे काम जो बड़ा फर्क डालते हैं

रूटीन रखें: सोने-उठने, खाने और पढ़ने का समय तय करें। बच्चों को सीमाएं चाहिए — इससे उन्हें दुनिया समझ में आती है। स्क्रीन टाइम सीमित रखें, और खेल-खेल में पढ़ाई कराएं। उदाहरण: खाना खाते वक्त छोटी-छोटी गणित की बातें या रंग पहचानना।

खेल के जरिए सिखाएं: ब्लॉक्स, पजल और रोल-प्ले से बच्चे की सोच और भाषा दोनों मजबूत होते हैं। घर के छोटे-छोटे कामों में बच्चे को शामिल करें — अपने कपड़े रखना, पौधों को पानी देना — इससे जिम्मेदारी और आत्मसम्मान बनता है।

स्वास्थ्य पर ध्यान दें: संतुलित आहार, नियमित टीकाकरण और समय पर नींद बच्चे के मस्तिष्क विकास के लिए जरूरी हैं। माँ की वजह से बच्चे की दिनचर्या स्थिर रहने पर सीखने की शक्ति बढ़ती है।

काम और माँ बनने के बीच संतुलन जरूरी है। अगर आप काम कर रही हैं तो छोटे संकेतों से प्यार जताएं — मिलने पर गले लगाना, रात को पढ़ना। मदद मांगने में हिचकिचाएँ नहीं; परिवार और दोस्तों का सहयोग बच्चे और माँ दोनों के लिए फायदेमंद है।

माँ की भूमिका सिर्फ देखभाल तक सीमित नहीं; वह आदर्श और पहला शिक्षक भी होती है। आप जो व्यवहार दिखाती हैं, बच्चे वही अपनाते हैं — इसलिए अपने शब्दों और कामों में सादगी, सम्मान और सहानुभूति दिखाएँ।

आज एक छोटी कोशिश करें: बच्चे के साथ 10 मिनट बिना फोन के बात करें या उनकी पसंदीदा किताब पढ़ें। फर्क खुद दिखेगा। मालदा समाचार पर माँ से जुड़े और सरल सुझाव पढ़ें और अपनी रोज़मर्रा की जिंदगी में आजमाएँ।

मलयालम की प्रख्यात अभिनेत्री कावियूर पोन्नम्मा का निधन: मलयालम सिनेमा की माँ कहलाने वाली दिग्गज अभिनेत्री ने विदाई ली 21 सितंबर 2024

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John David 0 टिप्पणि

मलयालम सिनेमा की प्रतिष्ठित अभिनेत्री कावियूर पोन्नम्मा का निधन शुक्रवार, 20 सितंबर, 2024 को कोट्टायम के एक निजी अस्पताल में हुआ। 79 साल की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कहने वाली पोन्नम्मा ने 700 से अधिक फिल्मों में काम किया और उन्होंने अधिकतर माँ के किरदार निभाए। उन्होंने 14 साल की उम्र में थिएटर में कदम रखा था और उनका आखिरी फिल्म 'आनुम पेनुम' 2021 में रिलीज़ हुई थी।