मां कात्यायनी पूजा — आसान विधि और उपयोगी सुझाव

क्या आप मां कात्यायनी की पूजा करना चाहते हैं लेकिन जटिल तरीके नहीं जानते? सही जगह पर आए हैं। यहाँ मैं सीधी, काम की और रोज़मर्रा में अपनाने लायक विधि दे रहा/रही हूँ — ताकि आप बिना भ्रम के घर पर या मंदिर में पूजा कर सकें।

मां कात्यायनी दुर्गा का छठा रूप मानी जाती हैं और आमतौर पर नवरात्रि के छठे दिन या शनि/मंगल के दिन लोगों द्वारा विशेष रूप से पूजा जाती हैं। यह रूप साहस, शक्ति और मनोबल देने वाली माना जाता है।

पूजा के लिए आवश्यक सामग्री

सब कुछ आसान रखना है तो ये सामान जुटा लें — मिट्टी या कांसे की मूर्ति/तस्वीर, लाल या पीले रंग के फूल, रोली-चंदन, दीपक, अगरबत्ती, मिठाई/फल, नारियल, थोड़ा सा अक्षत (चावल), और एक छोटा प्रसाद थाल। अगर संभव हो तो हल्का सा गुलाब जल या साफ़ पानी भी रख लें।

  • मूर्ति/तस्वीर
  • तुलसी या फूल (गुलाब, गेंदे)
  • दीपक, अगरबत्ती
  • रोटी/मिठाई/फल
  • नारियल, अक्षत, रोली-चंदन

सीधी चरणबद्ध पूजा विधि

1) साफ-सफाई: पूजा स्थल साफ रखें। चाहे छोटा से छोटा पंडाल ही क्यों न हो, साफ कपड़ा बिछा दें।

2) स्थापना: मां की मूर्ति या तस्वीर को उत्तर या पूर्व facing रखें।

3) दीप और अगरबत्ती: पहले दीप जलाएं, फिर अगरबत्ती घुमाएं। यह मन को केंद्रित करता है।

4) अभिषेक/नमरचन: चंदन, रोली और अक्षत से छोटा-सा टीका लगाएं। अगर आप चाहें तो हल्का दूध या गुलाब जल से अभिषेक कर सकते हैं।

5) मंत्र जाप: 11 या 21 बार निम्न मंत्र का जप करें — "ॐ देवी कात्यायन्यै नमः"। बोलते समय मन एकाग्र रखें, धीमी और साफ आवाज में।

6) प्रसाद अर्पण: मिठाई, फल, नारियल अर्पित करें। फिर आरती करें—किसी सोशल या पारंपरिक आरती गीत का सहारा लें या सरल शब्दों में आभार व्यक्त करें।

7) भोग वितरण: परिवार में प्रसाद बाँटें और सबका आशीर्वाद लें।

टिप: नवरात्रि में अगर आप नौ दिन उपवास नहीं रखते तो भी शुद्ध मन से प्रतिदिन छोटी पूजा करें—यह मनोबल और शांति देता है।

कितनी बार करें? नवरात्रि के छठे दिन विशेष प्राथमिकता है। पर निरंतरता ज्यादा असर देती है—7 या 11 दिन लगातार करना अच्छा माना जाता है।

अंत में एक वास्तविक सलाह: पूजा का लक्ष्य मन की साफ-सफाई और स्थिरता है। औपचारिकता ज़रूरी है, पर भावनात्मक जुड़ाव और नियमित अभ्यास असली बदलाव लाते हैं। अगर आप मालदा या आसपास हैं तो अपने स्थानीय मंदिरों में पूछें—वहां की छोटी-छोटी परंपराएं आपकी पूजा को और असरदार बना सकती हैं।

जय मां कात्यायनी।

शारदीय नवरात्रि 2024: छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा का महत्व और विधि 8 अक्तूबर 2024

शारदीय नवरात्रि 2024: छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा का महत्व और विधि

John David 0 टिप्पणि

मां कात्यायनी का पूजन शारदीय नवरात्रि के छठे दिन होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार यह दिन वैवाहिक जीवन में सुख और समृद्धि लाने के लिए विशेष माना जाता है। मां कात्यायनी देवताओं के गुरु बृहस्पति से जुड़ी हैं और विवाह योग्य कन्याएं उनके पूजन से अच्छे वर की प्राप्ति का आशीर्वाद प्राप्त करती हैं। इस दिन का शुभ रंग लाल है और विशेष मंत्रों का उच्चारण किया जाता है।