भूमि घोटाला: पहचानें, बचाव और कदम उठाने का सरल तरीका
क्या आप जमीन खरीदने या बेचने की सोच रहे हैं? जमीन से जुड़े घोटाले छोटे-छोटे दायरों में बहुत आम हैं और बड़े नुकसान भी करा देते हैं। यहाँ सीधे, व्यावहारिक तरीके बताए गए हैं जिससे आप धोखाधड़ी पहचान सकें और अगर पहँच गए तो तुरंत क्या करें।
कैसे पहचानें — आसान संकेत
कुछ सामान्य लाल झंडे हैं जिन्हें नजरंदाज न करें:
- मूल दस्तावेज नहीं दिखा पा रहा है या अनियमित कॉपी दे रहा है।
- जमीन पर बने पक्के प्रमाण (बाउंड्री मार्क, पाइल) नहीं हैं और बताने वाले बार-बार तारीख बदलते हैं।
- खसरा/खतौनी, जमाबंदी या रजिस्ट्रेशन नंबर में गड़बड़ी—नंबर गलत या दो जगहों पर उसी नंबर के रिकॉर्ड।
- सौलह-सौदा नकद में और बिना रसीद के; बहुत दबाव बनाना कि ‘आज ही सौदा कर लो’।
- बीजक/रजिस्ट्रेशन पर पहले से एन्कम्ब्रंस (encumbrance) देखना — बैंक लोन या लीगल पेंडेंसी छिपाई जा सकती है।
इन संकेतों में से कोई भी दिखे तो आगे बढ़ने से पहले ठहर कर जाँच करें।
अगर आप शिकार हो गए हैं — तुरंत उठाने वाले कदम
1) दस्तावेज़ इकठ्ठा करें: खरीदी-बिक्री के सारे पेपर्स, पहचान-पत्र, पैन, बैंक ट्रांजैक्शन और कोई bhi रसीद।
2) पुलिस में FIR दर्ज कराएं: धोखाधड़ी का मालूम होने पर जल्द FIR कराना जरूरी है — तारीख और घटनाक्रम लिखवाएं।
3) सब-रजिस्ट्रार/रीवन्यू ऑफिस पर सत्यापन: रजिस्ट्री की असलियत, एन्कम्ब्रेंस सर्टिफिकेट और जमाबंदी रिकॉर्ड की जांच कराएं। कई राज्यों में ऑनलाइन पोर्टल से रिकॉर्ड मिल जाते हैं — उसे भी डाउनलोड रखें।
4) तहसील/कलेक्टर से संपर्क: जमीन की माप, मालिकाना रिकॉर्ड और किसी गैरकानूनी मुहैया करायी गयी कागज़ात की जांच खातिर तहसीलदार के पास जाएं।
5) वकील की सलाह लें और नोटिस भेजें: ग्राहक या खरीदार होने पर सख्त लीगल नोटिस और कोर्ट में अस्थायी रोक (injunction) लगवाना जरूरी हो सकता है।
6) बैंक/लेखा जांच: अगर पेमेंट बैंक के जरिए हुआ था तो ट्रांजैक्शन रिकवरी के विकल्प और संदिग्ध खातों की जानकारी के लिए बैंक से तुरंत संपर्क करें।
इन सभी कदमों में समय महत्वपूर्ण है — जितना जल्दी कार्रवाई करेंगे, उतनी ही जल्दी नुकसान घटेगा।
निवारक सुझाव: कभी नकद में बड़ी रकम न दें, रजिस्टर्ड सेल डीड पर ही भरोसा करें, एन्कम्ब्रेंस सर्टिफिकेट और टाइटल सर्च कराएं, खरीद से पहले जमीन पर जाकर आस-पास के लोगों से पड़ताल करें और वकील की लिखित सहमति के बिना एडवांस न दें।
मालदा या आपके इलाके में भूमि घोटाले की खबरें और स्थानीय कार्रवाई पढ़ना भी मददगार होता है — यहां के रिपोर्ट्स से पैटर्न समझ आते हैं और आप सतर्क रह सकते हैं। अगर आपको संदेह है तो तुरंत स्थानीय अफसर और वकील से बात करें। सुरक्षा छोटे कदमों से शुरू होती है।
झारखंड हाई कोर्ट ने हेमंत सोरेन को भूमि घोटाले मामले में दी जमानत
झारखंड हाई कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भूमि घोटाले मामले में जमानत दी है। कोर्ट ने कहा कि उनके खिलाफ सीधे तौर पर कोई सबूत नहीं है। जमानत 50,000 रुपये के बांड पर दी गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के दावों को भी खारिज कर दिया गया।