टैक्स ऑडिट — क्या है और आपको क्यों ध्यान देना चाहिए
टैक्स ऑडिट असल में आपके व्यवसाय या पेशे की आय-खर्च और रेकॉर्ड की एक आधिकारिक जाँच होती है। हर साल कुछ चुनिंदा मामलों में सरकार यह ऑडिट करवाने के लिए बाध्य करती है ताकि टैक्स की सही रिपोर्टिंग हो। आपसे यह सवाल उठ सकता है — क्या मेरे लिए भी जरूरी है? जवाब पाने से पहले कुछ बुनियादी बातें समझ लें।
किसे टैक्स ऑडिट कराना होता है?
सामान्य नियमों के मुताबिक, जिन व्यापारियों या व्यवसायों का टर्नओवर या ग्रॉस रसीद निश्चित सीमा से अधिक होता है, उन्हें ऑडिट कराना पड़ता है। पेशेवरों के लिए भी अलग सीमा लागू होती है। नियम समय-समय पर बदलते हैं, इसलिए आखिरी सीमा और शर्तें अपने CA से कन्फर्म कर लें।
एक सामान्य पॉइंट याद रखें — अगर ऑडिट रिपोर्ट अनिवार्य है और आप उसे नहीं करवाते, तो आयकर अधिनियम के तहत पेनल्टी लग सकती है। इस पेनल्टी का फॉर्मूला अक्सर टर्नओवर/ग्रॉस रिसीट का प्रतिशत होता है और एक कैप भी लगा होता है।
कैसे तैयार करें: जरूरी दस्तावेज और टिप्स
ऑडिट के लिए पहले से अच्छी तैयारी करने से समय और पैसे दोनों बचते हैं। नीचे तेज़ी से चेक कर लीजिए:
- बैंक स्टेटमेंट्स और कैश बुक की साफ नकलें
- GST रिटर्न्स और इनवॉइस रिकॉर्ड
- TDS शब्दावली और कटौती प्रमाण-पत्र
- खर्चों के बिल, वेतन रेकॉर्ड और फिक्स्ड एसेट सूची
- इन्वेंटरी सूची और स्टॉक वेल्यूएशन की पद्धति
फॉर्म की बात करें तो टैक्स ऑडिट रिपोर्ट में आमतौर पर फॉर्म 3CA/3CB और 3CD का उपयोग होता है। इंटरनेशनल ट्रांसफर प्राइसिंग से जुड़े मामलों में 3CEB लागू हो सकता है। ये फॉर्म CA तैयार करता है।
कुछ प्रैक्टिकल टिप्स: बैंक और GST रेकॉनसिलिएशन पहले ही कर लें, इनवॉइस में नाम/पैन मिलाना सुनिश्चित रखें, कैटेगरीवाइज खर्च रखें ताकि 3CD भरना आसान हो। मिसमैच दिखे तो उससे पहले सुधार कर लें।
ऑडिट का समय और फीस CA के साथ तय होती है—छोटी देर से रिपोर्ट जमा करने पर पेनल्टी लग सकती है, इसलिए डेडलाइन का खास ध्यान रखें। अगर नियम बदलें तो नए नियम आपके CA तुरंत बता देंगे।
अंत में, क्या खुद से करना चाहिए या CA के साथ? छोटे सवायम-व्यवसाय में भी CA के साथ काम करना बेहतर रहता है क्योंकि वे फॉर्म, कमेंट और नोट्स सही तरीके से तैयार कर देते हैं और जोखिम कम करते हैं।
अगर आपको टैक्स ऑडिट से जुड़ी ताज़ा खबरें, नियम परिवर्तन या स्थानीय अपडेट चाहिए तो "टैक्स ऑडिट" टैग के तहत हमारी साइट पर नियमित अपडेट देखें। सवाल हैं तो अपने CA से संपर्क करें या हमसे बताइए, मदद के साधारण और काम के तरीके साझा कर सकते हैं।
वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए टैक्स ऑडिट की नियत तिथि 7 दिन बढ़ाई गई
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए टैक्स ऑडिट रिपोर्ट दर्ज करने की नियत तिथि 7 दिन बढ़ाई। नए निर्देश के अनुसार, अब यह तिथि 7 अक्टूबर 2024 हो गई है। इस बदलाव का लाभ वे सभी करदाता उठा सकते हैं, जिनकी पहले की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2024 थी।