राष्ट्रपति पद: भारत के राष्ट्रपति की भूमिका, चुनाव और शक्तियाँ
राष्ट्रपति पद अक्सर दिखने में औपचारिक लगता है, लेकिन संवैधानिक आधार पर यह देश का सबसे ऊँचा पद है। आप सोच रहे होंगे — असल में राष्ट्रपति क्या करते हैं और उनकी सीमाएँ क्या हैं? यहां सरल भाषा में वही जानिए जो रोज़ाना खबरों में दिखता है, बिना फालतू जिज्ञासा के।
राष्ट्रपति कैसे चुने जाते हैं?
राष्ट्रपति चुनाव प्रत्यक्ष नहीं बल्कि निर्वाचक मंडल के जरिये होते हैं। इस मंडल में लोकसभा व राज्य विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य और राज्यसभा के सदस्य शामिल होते हैं। हर मतदान का वजन अलग होता है ताकि राज्यों और केंद्र के बीच संतुलन बना रहे। चुनाव एक गोपनीय वोटिंग से होता है और उम्मीदवार को अकेले बहुमत चाहिए होता है।
योग्यता आसान है: उम्मीदवार भारतीय नागरिक होना चाहिए, कम से कम 35 साल का और संसद के सदस्य नहीं होना चाहिए। और हां, राष्ट्रपति का पद किसी पार्टी के लिए नहीं बल्कि पूरे देश के लिए है — इसलिए चुनाव के बाद वे राजकीय तटस्थ बने रहते हैं।
राष्ट्रपति की मुख्य शक्तियाँ और सीमाएं
राष्ट्रपति के पास कई औपचारिक शक्तियाँ हैं: कानून पर मुहर लगाना, संसद को बुलाना या भंग करना, ईनाम और पदक देना, और सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुरूप फैसले लेना। साथ ही वे विदेशी राजनयिकों को स्वीकार करते हैं और युद्ध/शांति के मामलों में सलाह के आधार पर निर्णय लेते हैं।
लेकिन असल में अधिकांश निर्णय प्रधानमंत्री और उसका मंत्रिमंडल लेते हैं। संविधान बताता है कि राष्ट्रपति को मंत्रियों की सलाह का पालन करना चाहिए। इस वजह से राष्ट्रपति का काम अक्सर समन्वय और संवैधानिक संतुलन बनाए रखना होता है।
डिस्क्रेशनरी पावर नाम की कुछ अपवाद स्थितियाँ हैं जहाँ राष्ट्रपति स्वतंत्र निर्णय ले सकते हैं — उदाहरण के लिए जब कोई स्पष्ट बहुमत नहीं हो या संवैधानिक संकट हो। ऐसे मामलों में उनका निर्णय देश के संवैधानिक हित में माना जाता है।
राष्ट्रपति का कार्यकाल पाँच साल का होता है और वे पुनः चुन सकते हैं। पद से हटाने के लिए इम्पीचमेंट की प्रक्रिया होती है, जो संसद में बहुमत से शुरू होती है और जाँच की शर्तों के साथ आगे बढ़ती है। यह प्रक्रिया जटिल है और केवल गंभीर संवैधानिक उल्लंघन पर ही लागू होती है।
आम नागरिक के रूप में आप राष्ट्रपति पद से जुड़ी खबरों पर ध्यान क्यों दें? क्योंकि राष्ट्रपति संवैधानिक रक्षक होते हैं — वे संसद और सरकार के बीच संतुलन बनाए रखते हैं। उनके फैसले कभी-कभार बड़ी नीतिगत दिशा भी बदल देते हैं।
अगर आप राष्ट्रपति पद की प्रक्रिया और शक्तियों पर अपडेट रखना चाहते हैं, तो चुनाव के आस-पास के समय, राष्ट्रपति के आदेश, और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों पर नजर रखें। ये तीनों बातें अक्सर राष्ट्रपति के प्रभाव और भूमिका को स्पष्ट कर देती हैं।
ये जानकारी रोज़मर्रा की भाषा में थी ताकि आप बिना थकान के समझ सकें कि राष्ट्रपति पद क्यों महत्वपूर्ण है और इसे कैसे देखा जाना चाहिए।
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव 2024 लाइव अपडेट्स: डोनाल्ड ट्रंप और कमला हैरिस की ह्वाइट हाउस के लिए टक्कर
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