पुरी रथ यात्रा — क्या देखना है और कैसे तैयारी करें
पुरी रथ यात्रा (जगन्नाथ रथ यात्रा) भारत के सबसे बड़े उत्सवों में से एक है। हर साल हजारों लोग ओड़िशा के पुरी शहर में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा को रथ पर लेकर आते हुए देखते हैं। अगर आप पहली बार जा रहे हैं तो यह गाइड आपको सही तैयारी, प्रमुख रस्में और व्यवहारिक सुझाव देगा।
रथ यात्रा का महत्व और मुख्य रस्में
रथ यात्रा में तीन विशाल रथ हैं — जगन्नाथ का रथ, सुभद्रा का रथ और बलभद्र का रथ। रथों को खींचना श्रद्धा का काम माना जाता है और लोग रस्सी पकड़कर भाग लेते हैं। यात्रा का मुख्य उद्देश्य जगन्नाथ को अपने मन्दिर से गंदिच्छा (गुंडिचा) मंदिर तक ले जाना है, जो आमजन के साथ भगवान का मिलन दिखाती है। यह उत्सव भक्ति, संगीत और लोक संस्कृति का संगम है।
रथ यात्रा के दिनों में सुबह से देर रात तक कार्यक्रम और क्षणिक रस्में चलती रहती हैं — मूर्तियों का स्नान, रथ पर चढ़ाना, और विशेष भोग। यात्रा के कुछ दिन पहले ही शहर सजा रहता है और शिविर, खाने-पीने के ठेले और धार्मिक जुलूस दिखते हैं।
यात्रियों के लिए practical टिप्स
कब जाएँ? पुरी रथ यात्रा आमतौर पर ज्येष्ठ महीने में होती है (विनिर्दिष्ट तिथि हर साल बदलती है)। यात्रा से पहले आधिकारिक तारीखें और लोकल सूचना वेबसाइट पर चेक कर लें।
कैसे पहुँचें — भाड़े की ट्रेन या भोपाल-भर्ती वाली फ्लाइट नजदीकी भुवनेश्वर पहुंचती है, वहाँ से पुरी तक रोड या लोकल ट्रेन से जाएं। अगर आप कार से जा रहे हैं तो पार्किंग सीमित होती है; इसलिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट बेहतर विकल्प है।
भीड़ और सुरक्षा — रथ यात्रा में भीड़ बहुत अधिक रहती है। कपड़े हल्के और आरामदायक पहनें। हाथ में पानी की बोतल, प्राथमिक दवा और मोबाइल पावर बैंक रखें। भीड़ में सुरक्षित रहने के लिए अपने साथियों से मिलने की एक तय जगह रखें और बच्चों को हाथ पकड़कर रखें।
रुकने की जगह — पुरी और आसपास के शहरों में छोटे होटल और गेस्टहाउस मिल जाते हैं, पर फेस्टिवल के समय पहले से बुकिंग कर लें। यदि बजट कम है तो भुवनेश्वर में ठहरकर लोकल ट्रेन से रोजाना आना- जाना व्यावहारिक रहता है।
फोटोग्राफी और नियम — रथ यात्रा का अनुभव फोटोग्राफी के लिए बेहतरीन है, पर मंदिर और पुजारियों के निर्देशों का सम्मान करें। कुछ स्थानों पर फोटो-वीडियो पर पाबंदी होती है।
स्वच्छता और खाना — सड़क किनारे खाने का आनंद लें पर ताज़ा और साफ-सुथरा खाना चुनें। पेट संबंधी परेशानी से बचने के लिए बोतलबंद पानी ही पीएं।
अंत में, रथ यात्रा सिर्फ एक दर्शनीय उत्सव नहीं, यह वहां के लोगों की आस्था और जीवनशैली का अनुभव है। थोड़ा धैर्य रखें, नियम मानें और इस अनूठे पर्व का सम्मान करते हुए हिस्सा लें।
पुरी रथ यात्रा में भगदड़ जैसी स्थिति में दम घुटने से एक श्रद्धालु की मौत, कई घायल
पुरी में वार्षिक रथ यात्रा के दौरान भगवान बलभद्र का रथ खींचते समय दम घुटने से एक श्रद्धालु की मौत हो गई। भगदड़ जैसी स्थिति के चलते कई अन्य श्रद्धालु भी घायल हो गए। मुख्यमंत्री मोहान चरण मर्जी ने मृतक के परिजनों को 4 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है।