आयकर रिटर्न: आसान ऑनलाइन फाइलिंग और जरूरी जानकारियाँ
क्या आप हर साल आयकर रिटर्न भरने में उलझ जाते हैं? सही जानकारी और कुछ सरल कदमों से यह काम तेज़ और सुरक्षित हो जाता है। यहाँ पर मैं सीधे-सीधे बताऊँगा कि कौन से दस्तावेज चाहिए, किस फॉर्म का चुनाव करें, ऑनलाइन कैसे फाइल करें और अक्सर होने वाली गलतियों से कैसे बचें।
किसे फाइल करना चाहिए और कौन सा फॉर्म चुनें
अगर आपकी किसी भी स्रोत से आय है — नौकरी, फ्रीलांस, व्यापार, निवेश या किराये — तो सामान्यतः आपको रिटर्न फाइल करना चाहिए। सही फॉर्म चुनना अहम है: सैलरी वाले और साधारण इनकम वाले लोग ITR-1 या ITR-2 देख सकते हैं, जबकि बिजनेस, फर्म या कैपिटल गेन्स के मामलों के लिए अन्य फॉर्म होते हैं। अगर सुनिश्चित नहीं हैं तो थोड़़ा समय लेकर फॉर्म गाइड पढ़ लें या टैक्स सलाहकार से पूछ लें।
ऑनलाइन फाइलिंग — आसान स्टेप्स
ऑनलाइन फाइलिंग आज सबसे तेज़ और सुरक्षित तरीका है। मूल स्टेप्स चोरी-छिपे नहीं हैं:
- दस्तावेज तैयार करें: Form 16, बैंक पासबुक, निवेश प्रमाण, फ़ॉर्म 26AS/Tax Credit, PAN और Aadhaar।
- ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगिन करें: पहले से रजिस्टर हैं तो सीधे लॉगिन, नहीं तो नया अकाउंट बनाएं।
- सही ITR फॉर्म चुनकर विवरण भरें: आय, टैक्स कटौती (Section 80C/80D आदि), और बैंक डिटेल्स ध्यान से दें।
- टैक्स की गणना और पेमेंट देखें: अगर अतिरिक्त टैक्स देना है तो ऑनलाइन Challan से पे कर लें।
- रिटर्न सबमिट करें और तुरंत ई-वेरिफाई करें: Netbanking, Aadhaar OTP, या EVC/Digital Signature से वेरिफिकेशन कर सकते हैं। बिना वेरिफिकेशन रिटर्न पूरा नहीं माना जाता।
सबमिशन के बाद ACK/ITR-V जनरेट होता है — इसे संभालकर रखें।
रिफंड की स्थिति पोर्टल पर ट्रैक होती है; पैनल में रिफंड स्टेटस और CPC से मिलने वाले अपडेट चेक करें।
गलतियाँ तो हो ही जाती हैं — पर इनसे बचना आसान है:
- Form 16 और 26AS के आंकड़े मैच करें।
- बैंक अकाउंट और IFSC सही डालें—रिफंड वही अकाउंट में आएगा।
- हर इनकम स्रोत दिखाएँ; छुपाने पर पेनल्टी और नोटिस आ सकते हैं।
- डेडलाइन मिस न करें—लेट फीस और ब्याज लग सकते हैं।
रिटर्न में गलती पायी तो घबराएँ नहीं: ज्यादातर मामलों में आप संशोधित रिटर्न फाइल कर सकते हैं, लेकिन तय समय सीमा के भीतर। कर ऑडिट या बड़े कारोबार वाले मामलों में नियम अलग होते हैं, इसलिए उस स्थिति में प्रोफेशनल सलाह लेना बेहतर है।
एक आखिरी टिप: छोटे-छोटे दस्तावेज और निवेश प्रमाण सालभर संभालकर रखें। साल के अंत में फाइलिंग आसान हो जाएगी और गलती की गुंजाइश कम। अगर समय नहीं है तो एक भरोसेमंद चालू टैक्स प्रोफेशनल से मदद लें—कई बार थोड़ी फीस बचत और समय दोनों देता है।
आसानी चाहिए? शुरू करें अपने Form 16 और बैंक स्टेटमेंट से — यही पहला कदम है।
वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए टैक्स ऑडिट की नियत तिथि 7 दिन बढ़ाई गई
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए टैक्स ऑडिट रिपोर्ट दर्ज करने की नियत तिथि 7 दिन बढ़ाई। नए निर्देश के अनुसार, अब यह तिथि 7 अक्टूबर 2024 हो गई है। इस बदलाव का लाभ वे सभी करदाता उठा सकते हैं, जिनकी पहले की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2024 थी।