आचार संहिता: चुनावों के दौरान क्या करें और क्या न करें

चुनाव निकट हों और बेचैनी बढ़ रही हो — ऐसे में आचार संहिता (Model Code of Conduct) समझना जरूरी है। यह नियम वोटों की निष्पक्षता और सरकारी कामकाज में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए होते हैं। नीचे सीधे, काम की बातें बताई गई हैं — जो आम नागरिक, कार्यकर्ता और सरकारी कर्मचारी के लिए तुरंत उपयोगी होंगी।

मुख्य प्रतिबंध और नियम

आचार संहिता लागू होते ही कुछ काम सीधे बंद हो जाते हैं। सरकारी विज्ञापन और नई योजनाओं की घोषणाएँ रोक दी जाती हैं। इस दौरान सरकारी संसाधनों का चुनावी प्रचार में इस्तेमाल करना सख्त मना है — जैसे सरकारी गाड़ियों, कर्मचारियों या फंड का इस्तेमाल।

धर्म, जाति या समुदाय के आधार पर वोट माँगना गैरकानूनी है। नकद या उपहार देकर वोट खरीदना अपराध है। रैलियों, पोस्टर्स और प्रचार सामग्री पर स्थानीय कानून और समय-सीमाएँ लागू होती हैं — शोर-नियम, बंद स्थानों पर प्रचार रोक, पोस्टर हटाने के निर्देश आदि।

मीडिया और सोशल मीडिया पर भी नियम होते हैं: चुनाव के दौरान किसी प्रकार के फर्जी समाचार और आग लगाने वाली भाषा से परहेज़ करें। नतीजे आने तक कुछ तरह के पोल और एग्ज़िट पोल पर पाबंदी हो सकती है — इस पर ईसी का निर्देश देखें।

आप क्या कर सकते हैं — सरल और असरदार कदम

अगर आप आम नागरिक हैं: अपने पड़ोस में शांत माहौल बनाए रखें। वोटिंग के दिन ईमानदारी से वोट दें और बूथ पर अन्य वोटरों की सहूलियत बनाए रखें। यदि आपको कोई सार्वजनिक विज्ञापन या उद्घाटन दिखाई दे जो चुनाव से जुड़ा हो — उसका स्क्रीनशॉट लें और ईसी को रिपोर्ट करें।

सरकारी कर्मचारी होने पर, चुनावी अवधि में तटस्थ रहें। किसी राजनीतिक दल के खुले समर्थन से बचें और अपने प्रशासनिक कर्तव्यों को प्रभावित न होने दें।

उल्लंघन देखें तो कैसे रिपोर्ट करें? सबसे तेज़ तरीका है ईसी की आधिकारिक हेल्पलाइन और वेबसाइट। वोटर्स हेल्पलाइन (1950) और Election Commission की साइट पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं। स्थानीय पुलिस स्टेशन में FIR भी दर्ज कराई जा सकती है—पर पहले आधिकारिक चैनल से रिपोर्ट करें ताकि ट्रैक रिकॉर्ड बने।

मालदा जैसे जिलों में भी यही नियम चलते हैं। किसी भी संदिग्ध प्रचार या अनाधिकृत सरकारी काम को नोट करें और तस्वीर/वीडियो लें — यह शिकायत में मदद करेगी। याद रखें, शांत और सूचित रहकर आप चुनाव की सच्चाई बचा सकते हैं।

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मायावती ने भतीजे आकाश आनंद को राजनीतिक उत्तराधिकारी पद से हटाया, आचार संहिता उल्लंघन के बाद 8 मई 2024

मायावती ने भतीजे आकाश आनंद को राजनीतिक उत्तराधिकारी पद से हटाया, आचार संहिता उल्लंघन के बाद

John David 0 टिप्पणि

बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को उनके राष्ट्रीय समन्वयक और राजनीतिक उत्तराधिकारी के रोल से हटा दिया है। आकाश पर आचार संहिता उल्लंघन और सरकार के खिलाफ विवादास्पद भाषण देने का आरोप है।