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John David 19 टिप्पणि

आईपीएल 2025 के बीच में ही एक ऐसी आलोचना उभरी है जो टीमों की रणनीति के बारे में सोचने पर मजबूर कर देती है। मनोज तिवारी, जो कभी कोलकाता नाइट राइडर्स के कप्तान रहे और बंगाल की टीम का नेतृत्व किया, ने अपने टीवी कमेंट्री सेशन में तीन बड़ी टीमों की नीतियों को एक साथ चुनौती दे दी। उनकी आलोचनाएं सिर्फ बैटिंग ऑर्डर तक ही सीमित नहीं, बल्कि बॉलिंग डिस्पोजिशन, कोचिंग निर्णय और अनुभवी खिलाड़ियों के स्थान के बारे में भी हैं।

मुंबई इंडियंस के बॉलिंग फैसले पर तीखी आलोचना

पंजाब किंग्स के खिलाफ एक निर्णायक मैच में, मुंबई इंडियंस ने अपने सबसे खतरनाक बॉलर जसप्रीत बुमराह को न्यू बॉल देने से इनकार कर दिया। तिवारी ने इसे 'दिमाग की कमी' बताया। 'जब आपके पास दुनिया के सबसे बेहतर न्यू बॉल बॉलर हैं, और आप उन्हें शुरुआत में नहीं डालते, तो आप क्या खेल रहे हैं?' उन्होंने प्रश्न उठाया। उनका कहना था कि बुमराह को पहले ओवरों में डालने से न केवल ओपनर्स को दबाव बनाया जा सकता था, बल्कि टीम की बॉलिंग रिदम भी बनी रहती। बुमराह के बिना शुरुआत करने के बाद मुंबई की बॉलिंग लगातार टूटती रही और पंजाब ने 198 रनों का टारगेट आसानी से पूरा कर लिया।

चेन्नई सुपर किंग्स: धोनी को नौवें नंबर पर क्यों?

इसी दिन, चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ मैच में एक और विवादित फैसला सामने आया। एमएस धोनी को 3 विकेट गिरने के बाद, पावरप्ले के बाद नौवें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए भेजा गया। तिवारी ने इसे 'अनुभव का बर्बादी' बताया। '30 गेंदों में 190 की स्ट्राइक रेट के साथ धोनी जब बल्लेबाजी कर रहे हैं, तो उन्हें नौवें नंबर पर क्यों? आप जीतने आए हैं, न कि बस खेलने आए हैं।' उन्होंने जोर देकर कहा। वहीं, विरेंद्र सहवाग ने इसे हास्य के साथ कहा — 'धोनी बहुत जल्दी आ गए, लेकिन ऐसा लग रहा था जैसे आरसीबी ने खेल ही बंद कर दिया हो।'

पंजाब किंग्स: विदेशी खिलाड़ियों पर भरोसा, भारतीय फॉर्म में नहीं

पंजाब किंग्स के कोच रिकी पॉन्टिंग के खिलाफ तिवारी की आलोचना सबसे ज्यादा तीखी रही। उन्होंने कहा कि जब पंजाब 200+ का टारगेट लेकर आ रहा था, तो उन्होंने नेहल वाधेरा और शशांक सिंह जैसे फॉर्म में आए भारतीय बल्लेबाजों के बजाय मार्को जैनसन और जॉश इंग्लिस को अंतिम 20 गेंदों के लिए भेजा। 'शशांक ने तो 49 गेंदों में 83 रन बनाए थे — उसे अंत में नहीं, बल्कि बीच में भेजा जाना चाहिए था,' तिवारी ने कहा। पंजाब अभी तक 9 मैचों में 5 जीत, 3 हार और एक नो-रिजल्ट के साथ चौथे स्थान पर है, लेकिन तिवारी का मानना है कि 'इस तरह के फैसले से वे ट्रॉफी जीत नहीं पाएंगे।'

रोहित और विराट के लिए डोमेस्टिक क्रिकेट का सवाल

तिवारी ने एक और बड़ा मुद्दा उठाया — रोहित शर्मा और विराट कोहली के लिए 2027 ओडीआई विश्व कप के लिए डोमेस्टिक क्रिकेट में खेलने की आवश्यकता। उन्होंने कहा, 'रोहित को ओडीआई कप्तानी हटा दी गई, और अब 26 साल का शुभमन गिल कप्तान है। यह संदेश था — आपकी जगह 2027 में सुरक्षित नहीं है।' इस तरह के संदेश से रोहित को मानसिक दबाव हो रहा है, और वह डोमेस्टिक मैचों में खेलने के लिए प्रेरित नहीं हो रहे। तिवारी ने सवाल उठाया — 'अगर बीसीसीआई उन्हें अपनी टीम में नहीं रखना चाहती, तो फिर उन्हें डोमेस्टिक मैचों में खेलने का क्या फायदा?'

क्या ये सब बदलाव की शुरुआत है?

इन सभी आलोचनाओं के बीच एक सवाल उठता है — क्या आईपीएल में अब टीमों के निर्णय बहुत ज्यादा रूढ़िवादी हो गए हैं? क्या कोचिंग स्टाफ अनुभवी खिलाड़ियों के बारे में बहुत ज्यादा संवेदनशील हो गए हैं? जब तक टीमें बॉलिंग के लिए बुमराह को नहीं डालेंगी, जब तक धोनी को नौवें नंबर पर नहीं बुलाएंगे, और जब तक फॉर्म में आए भारतीय बल्लेबाजों को विदेशी खिलाड़ियों के बाद नहीं भेजेंगे, तब तक ये टीमें अपनी क्षमता का पूरा उपयोग नहीं कर पाएंगी।

आईपीएल 2025: टीमों की स्थिति और अगला चरण

अभी तक 9 मैच खेले जा चुके हैं, और पंजाब किंग्स चौथे स्थान पर हैं। चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस टॉप 4 में हैं, लेकिन उनकी रणनीतियां अब आलोचना का निशाना बन रही हैं। नूर अहमद अभी तक पर्पल कैप के नंबर एक पर हैं — 3 विकेट के साथ। अगले दो हफ्तों में जो मैच खेले जाएंगे, वो टीमों के निर्णयों की असली परीक्षा होंगी। क्या कोच अपनी रूढ़ियों को छोड़ पाएंगे? या फिर अनुभव के नाम पर खेल को निर्जीव बना देंगे?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मनोज तिवारी ने मुंबई इंडियंस के बैटिंग ऑर्डर के बारे में क्या कहा?

मनोज तिवारी ने मुंबई इंडियंस के बैटिंग ऑर्डर के बारे में कोई टिप्पणी नहीं की है। उनकी आलोचना सिर्फ बॉलिंग स्ट्रैटेजी पर केंद्रित थी — विशेष रूप से जसप्रीत बुमराह को न्यू बॉल न देने पर। किसी भी स्रोत में उनका बैटिंग ऑर्डर पर टिप्पणी नहीं मिली है।

धोनी को नौवें नंबर पर बल्लेबाजी क्यों नहीं कराया जाना चाहिए?

धोनी की स्ट्राइक रेट 190 है और वे अंतिम ओवरों में बहुत असरदार हैं। जब टीम के तीन विकेट गिर चुके हों और टारगेट पर दबाव हो, तो उन्हें 5-6 नंबर पर बुलाना ज्यादा बुद्धिमानी होगी। नौवें नंबर पर आने से उनकी बल्लेबाजी का असर कम हो जाता है, क्योंकि टीम पहले ही जीत के लिए जीवित नहीं रहती।

पंजाब किंग्स क्यों नहीं जीत पाएंगे आईपीएल ट्रॉफी?

तिवारी का मानना है कि पंजाब के कोच रिकी पॉन्टिंग अनुभवी भारतीय बल्लेबाजों को नजरअंदाज कर रहे हैं। शशांक सिंह और नेहल वाधेरा जैसे फॉर्म में आए खिलाड़ियों को अंत में नहीं भेजना, विदेशी खिलाड़ियों पर अत्यधिक भरोसा करना — ये सब टीम के लंबे समय तक सफल रहने के लिए खतरनाक है।

रोहित शर्मा को डोमेस्टिक क्रिकेट में खेलना चाहिए?

हां, अगर वे 2027 विश्व कप के लिए तैयार रहना चाहते हैं। कप्तानी हटाने के बाद उन्हें अब बेहतर फॉर्म और रिदम बनाने की जरूरत है। डोमेस्टिक क्रिकेट उनके लिए अपनी भूमिका फिर से खोजने का एकमात्र रास्ता है — न कि बस टीवी पर टिप्पणी करना।

आईपीएल 2025 में बॉलिंग स्ट्रैटेजी में क्या बदलाव देखने को मिल सकता है?

अगर आलोचनाएं जारी रहीं, तो टीमें बुमराह और अन्य तेज गेंदबाजों को न्यू बॉल पर डालने की ओर लौट सकती हैं। अब तक जिन टीमों ने बुमराह को शुरुआत में नहीं डाला, उनकी हार का आंकड़ा बढ़ रहा है। यह एक ट्रेंड बन सकता है।

क्या तिवारी की आलोचनाएं बीसीसीआई को असर डाल सकती हैं?

हां, अगर ये आलोचनाएं दर्शकों और खिलाड़ियों के बीच चर्चा का विषय बन जाएं। बीसीसीआई पहले भी ऐसी आवाजों को सुन चुका है — जैसे धोनी के बैटिंग ऑर्डर के बारे में 2019 में आई आलोचनाएं। अगर दबाव बढ़े, तो टीमों के कोचिंग स्टाफ में बदलाव हो सकता है।

टिप्पणि

  • dinesh baswe

    दिसंबर 7, 2025 AT 03:00

    dinesh baswe

    बुमराह को न्यू बॉल पर न डालना सिर्फ गलती नहीं, बल्कि टीम की रणनीति का अस्तित्व ही खत्म कर देता है। जब आपके पास दुनिया का सबसे खतरनाक बॉलर हो, तो उसे शुरुआत में नहीं डालना तो आप किस बात पर विश्वास कर रहे हैं? ये फैसले टीम के आत्मविश्वास को तोड़ देते हैं।

  • Vikram S

    दिसंबर 7, 2025 AT 05:02

    Vikram S

    मनोज तिवारी को लगता है कि वो क्रिकेट के गॉड बन गए हैं? धोनी को नौवें नंबर पर डालना? अगर आपको लगता है कि एक आदमी जिसने 100+ मैच जीते हैं, उसे बीच में नहीं डालना चाहिए, तो आपको शायद क्रिकेट की बुनियादी समझ नहीं है।

  • Yogananda C G

    दिसंबर 7, 2025 AT 21:49

    Yogananda C G

    इस बारे में सोचिए कि जब एक टीम बॉलिंग कर रही होती है तो उसका लक्ष्य होता है विकेट लेना और रन रोकना, न कि किसी खिलाड़ी के नाम को बचाना। बुमराह को शुरुआत में डालने का मतलब ये नहीं कि वो अकेले जीत दिलाएंगे, बल्कि ये कि वो ओपनर्स को शुरुआत से ही डरा दें। और धोनी के लिए, उनकी अनुभवी बल्लेबाजी को अंत में छोड़ देना एक ऐसा फैसला है जो टीम की भविष्य की रणनीति को नष्ट कर देता है।

  • Divyanshu Kumar

    दिसंबर 9, 2025 AT 06:43

    Divyanshu Kumar

    मैं तो सोच रहा था कि क्या ये सब एक बड़ा नियोनाजी नियोजन है? जैसे विदेशी खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए भारतीयों को नीचे रखा जा रहा है? ये तो अब एक बड़ा सामाजिक प्रश्न बन गया है।

  • Mona Elhoby

    दिसंबर 9, 2025 AT 18:15

    Mona Elhoby

    अरे भाई, तिवारी को लगता है कि वो एक ब्रह्मांडीय क्रिकेट देवता हैं? अपने बैठक वाले कुर्सी पर बैठकर सबको सबक सिखाते हैं, लेकिन खुद कभी मैदान पर नहीं गए।

  • Arjun Kumar

    दिसंबर 9, 2025 AT 22:45

    Arjun Kumar

    मुझे लगता है कि धोनी को नौवें नंबर पर डालना बिल्कुल सही है। आखिर उनका टारगेट बल्लेबाजी नहीं, बल्कि अंत में विकेट बचाना है। आप लोग इसे भूल गए होंगे।

  • Basabendu Barman

    दिसंबर 11, 2025 AT 20:12

    Basabendu Barman

    ये सब बीसीसीआई की एक बड़ी षड्यंत्र है। वो चाहते हैं कि भारतीय खिलाड़ी अपनी पहचान खो दें, और विदेशी खिलाड़ियों को बढ़ावा दें। देखो, अब तो पंजाब के कोच ऑस्ट्रेलियाई हैं, और भारतीय बल्लेबाजों को अंत में भेजा जा रहा है। ये एक नियोनाजी योजना है।

  • Krishnendu Nath

    दिसंबर 13, 2025 AT 04:04

    Krishnendu Nath

    ये जो बुमराह की बात है, वो तो सच में बहुत बड़ी बात है। जब आप दुनिया के सबसे बेहतरीन बॉलर को शुरुआत में नहीं डालते, तो आप खुद को अपनी टीम के लिए बर्बाद कर रहे हैं। जल्दी से बदलाव करो, नहीं तो ये टीम बाहर हो जाएगी!

  • mohit saxena

    दिसंबर 14, 2025 AT 03:49

    mohit saxena

    बुमराह को न्यू बॉल पर डालने का फैसला बहुत सही है। लेकिन धोनी के लिए, उनकी अनुभवी बल्लेबाजी को अंत में रखना एक बहुत बड़ी गलती है। वो तो बीच में आएंगे, तभी टीम को जीत मिलेगी।

  • Sandeep YADUVANSHI

    दिसंबर 14, 2025 AT 03:58

    Sandeep YADUVANSHI

    मनोज तिवारी को लगता है कि वो एक बड़े ट्रेनर हैं? लेकिन उनके पास तो एक भी ट्रॉफी नहीं है। वो जो बोल रहे हैं, वो सब टीवी पर बोल रहे हैं। अगर वो वाकई जानते होते, तो वो खुद टीम चलाते।

  • nithin shetty

    दिसंबर 15, 2025 AT 02:58

    nithin shetty

    ये जो बात है कि धोनी को नौवें नंबर पर डाला जा रहा है, तो ये बहुत सही है। क्योंकि जब टीम के तीन विकेट गिर चुके हों, तो उनकी बल्लेबाजी का असर बहुत कम हो जाता है। उन्हें बीच में डालना बेहतर है।

  • Aman kumar singh

    दिसंबर 15, 2025 AT 21:59

    Aman kumar singh

    मुझे लगता है कि ये सब बदलाव जरूरी हैं। टीमों को अपनी रणनीति को बदलना होगा। बुमराह को शुरुआत में डालना चाहिए, धोनी को बीच में लाना चाहिए, और शशांक सिंह को अंत में नहीं, बल्कि बीच में भेजना चाहिए। ये सब टीम की जीत के लिए जरूरी है।

  • UMESH joshi

    दिसंबर 17, 2025 AT 00:54

    UMESH joshi

    मैं तो ये सोच रहा हूं कि अगर हम इस तरह के फैसलों को बदल नहीं पाए, तो भविष्य में आईपीएल का क्या होगा? ये टीमें अपनी जड़ें खो रही हैं। हमें अपने खिलाड़ियों को विश्वास देना होगा।

  • pradeep raj

    दिसंबर 17, 2025 AT 10:19

    pradeep raj

    इस बारे में एक बड़ी बात है - टीमों के कोचिंग स्टाफ को अनुभवी खिलाड़ियों के साथ एक नए तरीके से जुड़ना होगा। न कि उन्हें बस एक टूल के रूप में देखना। धोनी एक लीडर हैं, बुमराह एक विरासत है, और शशांक सिंह एक भविष्य है। इन सबको संतुलित करना जरूरी है।

  • Vishala Vemulapadu

    दिसंबर 18, 2025 AT 03:32

    Vishala Vemulapadu

    धोनी को नौवें नंबर पर डालना बिल्कुल गलत है। उनकी स्ट्राइक रेट 190 है, तो उन्हें बीच में डालना चाहिए। और बुमराह को शुरुआत में डालना चाहिए। ये बहुत आसान बात है।

  • M Ganesan

    दिसंबर 19, 2025 AT 17:42

    M Ganesan

    ये सब एक बड़ा षड्यंत्र है। बीसीसीआई चाहता है कि भारतीय खिलाड़ी अपनी पहचान खो दें। विदेशी खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए, भारतीयों को नीचे रखा जा रहा है। ये एक नियोनाजी षड्यंत्र है।

  • ankur Rawat

    दिसंबर 20, 2025 AT 04:30

    ankur Rawat

    मैं तो ये सोच रहा हूं कि अगर हम इस तरह के फैसलों को बदल नहीं पाए, तो भविष्य में आईपीएल का क्या होगा? ये टीमें अपनी जड़ें खो रही हैं। हमें अपने खिलाड़ियों को विश्वास देना होगा।

  • Vraj Shah

    दिसंबर 21, 2025 AT 17:59

    Vraj Shah

    बुमराह को शुरुआत में डालना चाहिए, धोनी को बीच में लाना चाहिए, और शशांक को अंत में नहीं, बल्कि बीच में भेजना चाहिए। ये बहुत सरल बात है।

  • Kumar Deepak

    दिसंबर 23, 2025 AT 09:28

    Kumar Deepak

    अरे भाई, तिवारी को लगता है कि वो एक ब्रह्मांडीय क्रिकेट देवता हैं? लेकिन उनके पास तो एक भी ट्रॉफी नहीं है। वो जो बोल रहे हैं, वो सब टीवी पर बोल रहे हैं। अगर वो वाकई जानते होते, तो वो खुद टीम चलाते।

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