विदेशी श्रमिक: सुरक्षित तरीके से काम कैसे करें और क्या ध्यान रखें
क्या आप विदेश जाकर काम करने का सोच रहे हैं या आपका कोई जानने वाला विदेश में पहले से काम कर रहा है? सही तैयारी और जानकारी से आप धोखाधड़ी और मुश्किलों से बच सकते हैं। यहां वही बातें हैं जो रोजमर्रा के अनुभव से सबसे ज्यादा काम आती हैं — सीधे, आसान और व्यावहारिक।
किस तरह की तैयारी करें?
सबसे पहले लिखित नौकरी-पत्र (contract) लें। उसमें नौकरी की शर्तें साफ़ लिखी हों — वेतन, काम के घंटे, रहने का खर्च, छुट्टियाँ और नौकरी बदलने की स्थिति। अगर नौकरी-पत्र अंग्रेजी में है और आप पूरी तरह समझते नहीं हैं तो किसी भरोसेमंद व्यक्ति से इसे पढ़वा लें।
भर्ती एजेंट से जुड़ते समय उसकी लाइसेंस और रेटिंग चेक करें। सरकार की वेबसाइट पर लाइसेंसधारी एजेंटों की लिस्ट मिल जाती है। किसी भी तरह की अग्रिम भारी फीस देने से पहले संतुलित सोचें — अगर एजेंट बड़े पैमाने पर कमीशन या फॉर्म भरने के लिए काफी पैसा माँग रहा है तो सावधान हो जाएँ।
दस्तावेज़ और कानूनी बातें
पासपोर्ट और वीज़ा सबसे ज़रूरी हैं। वीज़ा का प्रकार और अवधि ठीक से समझ लें। भारत से बाहर जाने वाले लोगों के लिए eMigrate या Protector of Emigrants से जुड़ी जानकारी पढ़ें — कई देशों के लिए सरकार की प्रक्रियाएँ और सुरक्षा नियम होते हैं।
दस्तावेजों की स्कैन कॉपी अपने परिवार और अपने ईमेल पर रखिए। नौकरी-पत्र, वीज़ा, पासपोर्ट और टिकट की फोटोकॉपी अलग से रखें। वाट्सऐप पर या क्लाउड पर पासवर्ड प्रोटेक्टेड फोल्डर बनाना अच्छा रहता है।
पैसे भेजने के लिए बैंक ट्रांसफर या रेगुलर मनी ट्रांसफर सर्विस का उपयोग करें। हाथ में बहुत सारा नकद लेकर न जाएँ। रेमिटेंस करते समय फीस, एक्सचेंज रेट और ट्रांज़ैक्शन टाइम ध्यान से देखें।
नौकरी पहुँचने के बाद यदि शर्तें बदल दी जाएँ — जैसे वेतन कम कर दिया जाए या रहने की जगह बदतर हो — तो पहले अपने नियोक्ता से लिखित में जवाब मांगें और फिर भारतीय दूतावास/काउंसलेट से संपर्क करें। दूतावास में अपना रजिस्ट्रेशन कराना और स्थानीय कानूनों की जानकारी लेना काम आता है।
धोखाधड़ी से बचें: फर्जी वीज़ा, नकली जॉब ऑर्डर और एजेंट की मिलीभगत से बचने के लिए पहले शहर/कंपनी के बारे में ऑनलाइन रिव्यू पढ़ें, स्थानीय भारतीय समुदाय से बात करें और फेसबुक/वाट्सऐप समूहों में पूछताछ करें।
आपातकाल के लिए तैयार रहें: परिवार को अपने इतिनेररी और आपातकालीन संपर्क नंबर दे दें। अगर किसी तरह का हिंसक या गंभीर मामला हो तो तुरंत स्थानीय पुलिस और भारतीय दूतावास/काउंसलेट से संपर्क करें। दूतावास और काउंसलेट संसाधन आपकी मदद के लिए होते हैं—दस्तावेज़ सत्यापन, कानूनी मार्गदर्शन और जरूरी मामलों में समन्वय कर सकते हैं।
अगर आप मालदा या आसपास के हैं और विदेश जाने की सोच रहे हैं, तो स्थानीय रोजगार कार्यालय या सामाजिक संगठन से भी बात कर लें — वे भरोसेमंद भर्ती एजेंट और ट्रेनिंग प्रोग्राम की जानकारी दे सकते हैं।
यह टैग पेज विदेश में काम करने वाले या जाने वाले लोगों के ताज़ा खबरों और सुझावों के लिए निरंतर अपडेट होता रहेगा। कोई सवाल हो या किसी खबर पर विवरण चाहिए तो नीचे दिए गए कमेंट सेक्शन में लिखिए — हम आपकी मदद करेंगे।
कुवैत में आग लगने से 41 लोगों की मौत, 15 घायल: भीड़भाड़ वाले रिहायशी इमारत में हादसा
कुवैत के मंगाफ में बुधवार को एक भीड़भाड़ वाली रिहायशी इमारत में लगी आग ने कम से कम 41 लोगों की जान ले ली और 15 लोग घायल हो गए। उपप्रधानमंत्री शेख फहद यूसुफ अल-सबा ने घटना पर गहरा खेद जताया और संपत्ति मालिकों की लालच को इसका कारण बताया। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।