नवरात्रि: पूजा, व्रत और रोज़ाना टिप्स

नवरात्रि आते ही घर में तैयारियों का शोर शुरू हो जाता है। अगर आप पहली बार नवरात्रि मनाने जा रहे हैं या काम के बीच आसानी से पूजा करना चाहते हैं, तो यह गाइड आपके लिए है। यहाँ सीधे और काम की बात बताई गई है: कब क्या करें, क्या चाहिए और छोटे-छोटे प्रैक्टिकल टिप्स।

नवरात्रि कब होती है और रोज़ाना क्या बदलाव होते हैं?

नवरात्रि आम तौर पर आश्विन या चैत्र महीने में आती है — तारीखें हर साल बदलती हैं। नौ दिनों में हर दिन माँ का अलग रूप पूजा जाता है और कई जगहों पर हर दिन के लिए रंग तय होते हैं। अगर आप तारीख जानना चाहते हैं तो लोकल पंचांग या हमारी वेबसाइट पर नवरात्रि कैलेंडर देखें।

रोज़ाना का छोटा नियम: सुबह स्नान, साफ स्थान पर पूजा की थाली, और कम से कम 5 मिनट की ध्यान/आरती। इतना करने से नियमितता बनी रहती है, भले ही दिन व्यस्त हो।

आसान पूजा-सामग्री और 3 मिनट का पूजन तरीका

जरूरी सामान: तस्वीर/मूर्ति, दीपक, अगरबत्ती, फूल, चावल, हल्दी, लाल कपड़ा या चंदन, और प्रसाद। Simple पूजन तरीका (3 मिनट): दीपक जलाएं, देवी को प्रणाम करें, 3 गुणा मंत्र/आरती गाएँ, फूल अर्पित करें और हल्का प्रसाद रखें। रोज़ यह करने से पूजा पूरी तरह सरल हो जाती है।

व्रत रखना चाहते हैं तो पहले तय करें: पूरा व्रत (भोजन में केवल फल/जैव विकल्प) या आंशिक (सादा भोजन, बिना अनाज)। काम में व्यस्त लोग आधा व्रत रखकर भी श्रद्धा दिखा सकते हैं—सुबह हल्का फल, शाम को आरती और भक्ति।

व्रत रेसिपी आइडियाज: साबूदाना खिचड़ी, कुट्टू की रोटी, सेंधा नमक वाली सब्ज़ी, आलू-पूरी (ख़ास मसाले बिना)। इन व्यंजनों में स्वाद भी रहेगा और ऊर्जा भी।

गरबा/डांडिया पर जाने की योजना है? अपने पैरों के जूते आरामदेह रखें, पानी साथ रखें और भीड़ से बचें—जरूरी होने पर परिवार के साथ एक मीटिंग पॉइंट तय करें। मोबाइल फोन में पावर बैंक रखें और छोटे बच्चों के लिए आईडी टैग लगवाएं।

सुरक्षा व स्वास्थ्य: अगर आप बीमार हैं या गर्भवती हैं तो डॉक्टर से सलाह लें। बहुत लंबा व्रत न रखें, हाइड्रेशन पर ध्यान दें और धूप में बिना टोपी के न रहें।

अंत में एक छोटी चेकलिस्ट: पूजा की थाली तैयार, प्रतिदिन 3 मिनट का पूजन, व्रत के लिए मीनू तय, गरबा के लिए आरामदेह जूते और सुरक्षा प्लान। नवरात्रि मनाने का मतलब है श्रद्धा और आनंद—सादगी से मनाएं और खुश रहें।

मालदा समाचार की टीम से और सुझाव चाहिए तो हमारी नवरात्रि कवरेज और लोकल इवेंट्स भी देखें। शुभ नवरात्रि!

शारदीय नवरात्रि 2024: छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा का महत्व और विधि 8 अक्तूबर 2024

शारदीय नवरात्रि 2024: छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा का महत्व और विधि

John David 0 टिप्पणि

मां कात्यायनी का पूजन शारदीय नवरात्रि के छठे दिन होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार यह दिन वैवाहिक जीवन में सुख और समृद्धि लाने के लिए विशेष माना जाता है। मां कात्यायनी देवताओं के गुरु बृहस्पति से जुड़ी हैं और विवाह योग्य कन्याएं उनके पूजन से अच्छे वर की प्राप्ति का आशीर्वाद प्राप्त करती हैं। इस दिन का शुभ रंग लाल है और विशेष मंत्रों का उच्चारण किया जाता है।