करवा चौथ: व्रत, पूजा और आसान तरीके

करवा चौथ हर साल हिंदी कलेंडर में खास दिन होता है जब कई महिलाएँ अपने पति की लंबी उम्र और सुख-शांति के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। क्या आप पहली बार व्रत रखने जा रही हैं या फिर हर साल संजीदगी से मनाती हैं — यह गाइड सरल तरीके से बताएगा कि क्या करना है, किस समय क्या ध्यान रखें और स्वास्थ्य के लिए क्या सावधानियाँ जरूरी हैं।

पूजा और व्रत की आसान विधि

सुबह से पहले सargi लें — आमतौर पर सास या माँ द्वारा भेजा गया खाना जिसमें दूध, सूखा फल, परांठा या हल्का भोजन हो। सुबह से व्रत शुरू मानें और दिनभर पानी भी न पिएं। शाम को सूर्यास्त के बाद चाँद के दर्शन के समय पूजा करें। पारंपरिक पूजा में करवा (मिट्टी का पॉट), कलावा, दीप, चावल और समर्पित वस्तुएँ रखकर माता पार्वती और शिव-गणेश की आराधना की जाती है।

चाँद दिखने पर पति द्वारा पत्नी को पानी या पहली घूंट के लिए पानी दिखाने की परंपरा है। कई घरों में पत्नी चश्मे या छलनी से चाँद देखती है, फिर पति से पानी लेकर व्रत खोलती है। उपहार और मिठाई की अदला-बदली भी आम है।

तिथि, समय और अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

करवा चौथ की सही तिथि और चाँद निकलने का समय हर साल बदलता है। इसलिए अपने स्थानीय पंडित या भरोसेमंद पंचांग से तिथि, चन्द्रोदयन समय और मुहूर्त जाँच लेना जरूरी है। अगर चाँद बाद में दिखाई दे और पंडित कहें तो व्रत उसी समय तोड़ें।

क्या गर्भवती महिलाएँ व्रत रख सकती हैं? अगर डॉक्टर ने मनाही नहीं दी हो और स्वास्थ्य ठीक हो तो हल्का रूप से या आंशिक व्रत रखा जा सकता है। बुखार, ब्लड शुगर या दिल संबंधी दिक्कतों में व्रत से परहेज़ करें और अपने डॉक्टर की सलाह लें।

छोटे-छोटे व्यवहारिक सुझाव: सargi में प्रोटीन और पानी लें ताकि पूरे दिन ऊर्जा बनी रहे; दिन में भारी काम और तीव्र व्यायाम से बचें; अगर बाहर जाना हो तो पानी और हल्का स्नैक साथ रखें (जरूरत पड़ने पर) — पर पारंपरिक निर्जला व्रत पर इसका पालन घर पर ही करें।

सौंदर्य और तैयारी के टिप्स: मेहँदी और हल्का मेकअप व ज्वेलरी पर ध्यान दें ताकि रात की पूजा और परिवार समारोह के लिए आप तरोताजा दिखें। कपड़े आरामदायक और पारंपरिक चुनें ताकि दिनभर आराम भी रहे।

आंचलिक भिन्नताएं हैं — राजस्थान, पंजाब, उत्तर प्रदेश और बिहार में रीतियाँ थोड़ी अलग होती हैं, पर मन का भाव और श्रद्धा समान रहती है। कुछ समुदायों में समूह की पूजा और महफिल भी होती है, जहाँ महिलाएँ एक-दूसरे के लिए उपहार और सargi तैयार करती हैं।

अंत में, करवा चौथ का असली मतलब रिश्ते की कद्र और साथ में खुशियाँ बाँटना है। व्रत अगर आपकी सेहत पर भारी पड़े तो वैकल्पिक रूप से व्रत का संकल्प घर पर हल्का तरीके से रखें या परिवार के साथ मंत्र-वाचन और दान करके भी आशीर्वाद माँगा जा सकता है। तिथि और समय के लिए हमेशा अपने स्थानीय पंचांग और परिवार वालों से पुष्टि कर लें।

रोहिणी क्षेत्र में करवा चौथ के दिन बम विस्फोट से दहशत, सुरक्षा जांच जारी 20 अक्तूबर 2024

रोहिणी क्षेत्र में करवा चौथ के दिन बम विस्फोट से दहशत, सुरक्षा जांच जारी

John David 0 टिप्पणि

दिल्ली के रोहिणी क्षेत्र में करवा चौथ के दिन एक भयानक बम विस्फोट ने दहशत फैला दी है। हालांकि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ, परंतु स्थानीय बाजार और आसपास की दुकानों को काफी क्षति पहुंची है। विस्फोट स्थल पर अमोनियम नाइट्रेट और फास्फोरस का उपयोग हुआ था। जांच पड़ताल के लिए पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां मौके पर मौजूद हैं।