कैंसर — लक्षण, रोकथाम और जल्दी पहचान
क्या आप जानते हैं कि कैंसर जल्दी पकड़ लिया जाए तो इलाज के नतीजे बेहतर होते हैं? यही वजह है कि लक्षण पहचानना और नियमित स्क्रीनिंग कराना जरूरी है। यह पेज सरल भाषा में बताएगा कि किन संकेतों पर ध्यान देना चाहिए और कौन से कदम उठाने से जोखिम कम हो सकता है।
लक्षण और चेतावनियाँ
हर कैंसर का इलाज एक जैसा नहीं होता, पर कुछ सामान्य संकेत होते हैं जिन पर नजर रखनी चाहिए। लगातार बढ़ती गांठ या सूजन, बिना वजह वजन घटना, लगातार कमजोरी और थकान, खांसी जो ठीक न हो, खून आना (खाँसी, पेशाब या मल में), पाचन में लगातार समस्या, किसी हिस्से की रंग बदलना या घाव जो भरता नहीं — ये सब चेतावनी के रूप में देखें।
अगर कोई लक्षण दो हफ्ते से ज्यादा बना रहे तो डॉक्टर से मिलें। छोटी-सी शिकायत को नज़रअंदाज़ करना महँगा साबित हो सकता है। डॉक्टर आपको जरूरी जांच—रक्त परीक्षण, इमेजिंग (X‑ray/USG/CT/MRI), बायोप्सी—के लिए बताएंगे।
रोकथाम, स्क्रीनिंग और क्या करें
कैंसर के कुछ मुख्य जोखिमों को आप खुद कम कर सकते हैं: तंबाकू न सेवन करें, शराब सीमित रखें, संतुलित भोजन लें, रोजाना कम-से-कम 30 मिनट शारीरिक गतिविधि करें और वजन नियंत्रित रखें। HPV और हेपेटाइटिस-B के टीके कुछ कैंसर से बचाते हैं—यदि उम्र और परिस्थितियाँ अनुमति दें, तो टीकाकरण पर विचार करें।
स्क्रीनिंग से मालूम होता है कि कैंसर होने से पहले ही असामान्यताएँ दिख सकती हैं। नारी स्वास्थ्य के लिए पाप स्मीयर (PAP) और मैमोग्राम, बड़ों के लिए कॉलोनोस्कोपी, और पुरुषों में प्रोस्टेट जाँच जैसे टेस्ट समय पर कराएँ। स्थानीय स्वास्थ्य शिविरों और सरकारी कैंपों की जानकारी के लिए अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
यदि परिवार में किसी को कैंसर रहा है तो जोखिम बढ़ सकता है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से जेनेटिक काउन्सिलिंग या अधिक बार स्क्रीनिंग के बारे में बात करें।
इलाज के विकल्प में सर्जरी, केमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी, इम्यूनोथेरेपी और टार्गेटेड थेरेपी शामिल हैं। ट्रीटमेंट प्लान रोग के प्रकार, स्टेज और मरीज की स्थिति पर तय होता है। इलाज के दौरान और बाद में पोषण, मनोवैज्ञानिक मदद और फॉलो‑अप बेहद जरूरी होते हैं।
मालदा और आस-पास के रहने वालों के लिए सुझाव: सरकारी स्वास्थ्य केंद्र, जिला अस्पताल और बड़े मेडिकल कॉलेजों में नियमित कैंसर स्क्रीनिंग कैंपों की जानकारी रखें। जरूरत पड़ने पर दूसरे शहर के विशेषज्ञ से सलाह लेने में संकोच न करें।
अंत में — सावधानी और समय पर जांच ही सबसे बड़ा हथियार है। किसी भी संदिग्ध लक्षण पर डॉक्टर से बात करें और भरोसा रखें कि सही जानकारी और समय पर कदम से बेहतर नतीजे मिल सकते हैं। मालदा समाचार पर इस टैग से जुड़ी ताज़ा खबरें और गाइड पढ़ते रहें।
YouTube की पूर्व CEO Susan Wojcicki का 56 वर्ष की आयु में कैंसर से निधन
YouTube की पूर्व CEO Susan Wojcicki का 56 वर्ष की आयु में कैंसर से निधन हो गया है। उनके पति Dennis Troper ने फेसबुक पर इस दुखद खबर की घोषणा की। Wojcicki ने Google में 1999 में बतौर 16वीं कर्मचारी के रूप में योगदान दिया और YouTube को सबसे बड़ी वीडियो शेयरिंग प्लेटफार्म में तब्दील करने का नेतृत्व किया। वह अपने पति और चार बच्चों को पीछे छोड़ गई हैं।