भू-स्खलन: क्या करना चाहिए और कैसे सुरक्षित रहें
बारिश या तेज भूकंप के बाद अक्सर भू-स्खलन की खबरें आती हैं। भू-स्खलन अचानक होता है और समय कम मिलता है—इसलिए पहले से तैयार होना ज़रूरी है। इस टैग पेज पर आपको ताज़ा खबरों के साथ सीधे उपयोग में आने वाली सुरक्षा बातें मिलेंगी ताकि आप और आपका परिवार सुरक्षित रह सके।
सबसे पहले जान लें कि भू-स्खलन हर जगह नहीं होता। ढलानों वाले इलाके, कटे हुए पहाड़, कटाव वाली सड़कों और नदियों के किनारे पर जोखिम ज्यादा रहता है। इंसानी सक्रियता जैसे जंगल कटना, अवैध निर्माण और खरपतवार हटाना खतरा बढ़ा देते हैं। अब देखते हैं किस तरह के संकेत आपको सतर्क कर सकते हैं।
भू-स्खलन के साफ संकेत
अगर आप इन संकेतों में से कोई देखें तो तुरंत सतर्क हो जाएँ:
- मिट्टी या चट्टानों में दरारें या नई पुट्ठियाँ दिखना।
- पहाड़ के ढलान पर पेड़ या बिजली के खंभे झुकना/टिल्ट होना।
- नाली, नहर या जमीन पर अचानक पानी का बहाव बढ़ना या रंग बदल जाना।
- भारी बारिश के दौरान या बाद में जमीन का चरमराना/ठनठनाहट महसूस होना।
- रात में अचानक खिसकने की आवाज़ आना।
ये संकेत मिलने पर अपने घर और आसपास के लोगों को तुरंत सूचित करें और सुरक्षित जगह की ओर चले जाएँ।
आप तुरंत क्या कर सकते हैं — आसान और तेज कदम
यदि भू-स्खलन हो रहा है तो शांत रहें और तेज़ निर्णय लें। कुछ उपयोगी कदम:
- खुले क्षेत्र में जाएँ—बिना देरी के ढलान से दूर, ऊँचे और सुरक्षित स्थान पर पहुँचें।
- यदि घर के अंदर हैं तो ऊपरी मंज़िल की ओर जाएँ; खिड़कियों से दूर रहें और दरारों वाले दीवारों के पास न खड़े हों।
- नदी-नाले के पास, पुलों और रास्तों को पार न करें—वे बह सकते हैं या बंद हो सकते हैं।
- बिजली और गैस की कटरें बंद करें यदि सुरक्षित तरीके से कर सकते हैं।
- आपातकालीन किट साथ रखें: फ़्लैशलाइट, मोबाइल पावर बैंक, फर्स्ट-एड किट, ज़रूरी दवाइयाँ, पानी और कुछ खाने का सामान।
घटना के बाद भी सतर्क रहें—दूसरे भाग भी फिसल सकते हैं। घायल लोगों की मदद करें, लेकिन खुद जोखिम में न डालें। टूटे घरों में बिना अनुमति प्रवेश न करें और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
मालदा समाचार इस टैग पर भू-स्खलन से जुड़ी रिपोर्ट, चेतावनी और सरकारी एडवाइजरी लगातार साझा करता है। आप अपने क्षेत्र के मौसम अलर्ट, स्थानीय पुलिस और आपातकालीन सेवाओं के निर्देशों पर ध्यान दें। क्या आपके मोहल्ले में बचाव योजना है? अगर नहीं, तो पड़ोसियों के साथ मिलकर एक आसान योजना बनाएं—कौन किसे कॉल करेगा, कहाँ मिलेंगे और किन रास्तों से निकलेंगे।
इस पेज को चेक करते रहें और अलर्ट ऑन रखें ताकि ताज़ा खबरें और चेतावनियाँ समय पर मिलें। सुरक्षित रहें, खुद से ज़िम्मेदारी लें और आसपास के लोगों को भी जानकारी दें।
मोहलाल ने वायनाड भू-स्खलन पुनर्वास के लिए 3 करोड़ रुपये देने का वचन दिया
प्रसिद्ध मल्यालम अभिनेता और भारतीय प्रादेशिक सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल मोहनलाल ने वायनाड में हाल के भूस्खलनों से प्रभावित पुनर्वास प्रयासों के लिए 3 करोड़ रुपये देने का वादा किया है। उन्होंने आपदाग्रस्त क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का आकलन किया और अपनी समर्थन की पेशकश की।