मुंबई होर्डिंग हादसा: तुरंत क्या करें और कैसे रोकें
अगर आपने सड़क पर गिरती होर्डिंग या बिलबोर्ड देखा है तो घबराना स्वाभाविक है। ऐसे मौक़ों पर सही कदम तुरंत चोट से बचाव और मदद पहुंचाने में असर डालते हैं। यहां सरल, फौरन अपनाने योग्य स्टेप्स और रोकथाम के उपाय दिए जा रहे हैं ताकि आप सुरक्षित रहें और घटना का असर कम हो।
फौरन क्या करें
सबसे पहले अपनी सुरक्षा देखें: आगे कोई ढांचा गिरने का खतरा हो तो उस एरिया से तुरंत दूर हटें। चोटिल लोगों की मदद करते समय खुद जोखिम में न पड़ें। गंभीर चोट या फौरन खतरा दिखे तो 112 पर कॉल करें — यह राष्ट्रीय आपात नंबर है। पुलिस और फायर ब्रिगेड पहुँचने तक जहाँ तक संभव हो, घायल को हिलाएँ नहीं जब तक उनकी जान बचाने के लिए जरूरी न हो।
घटना का प्रमाण इकट्ठा करें: अगर सुरक्षित है तो मोबाइल से फोटो और वीडियो लें। गवाहों के नाम और नंबर नोट कर लें। ये सब बाद में शिकायत या बीमा/कानूनी प्रक्रिया के काम आएंगे। वहीँ, सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते समय अफवाह न फैलाएँ — केवल पुष्टि की हुई बातें ही पोस्ट करें।
स्थानीय निकाय और जिम्मेदार एजेंसी को रिपोर्ट करें: मुंबई में ऐसी घटनाओं के लिए BMC/MCGM को सूचित करना जरूरी है। विज्ञापन लगाने वाली कंपनी और होर्डिंग की अनुमति देने वाला विभाग भी जिम्मेदार होते हैं—उनका नाम-प्लेट अक्सर होर्डिंग पर लगा होता है। अगर काम नहीं बनता तो पुलिस में FIR दर्ज करवा कर कानूनी कार्रवाई की मांग की जा सकती है।
रोकथाम और जिम्मेदारियां
होर्डिंग हादसों की वजहें अक्सर खराब माउंटिंग, जंग लगी संरचना, तेज़ हवाएँ, और अनधिकृत इन्स्टॉलेशन होती हैं। विज्ञापन लगाने वाली कंपनियों को नियमित सुरक्षा निरीक्षण और सर्टिफिकेशन रखना चाहिए। प्रॉपर्टी मालिक को भी सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी बाहरी विज्ञापन की मंजूरी और फिटिंग ठीक हो।
नागरिक क्या कर सकते हैं? बारिश या तूफान के समय व्यस्त पुलों और भीड़ वाले इलाकों के पास लगी होर्डिंग्स के पास खड़े होने से बचें। झरोखा या बालकनी से बड़े होर्डिंग्स की हालत खराब दिखे तो फौरन लोकल कॉर्पोरेशन को शिकायत भेजें — बीएमसी की वेबसाइट या हेल्पलाइन के जरिए। छोटे-मोटे खराब होर्डिंग्स की फोटो अपलोड कर देना भी प्रभावी कदम है।
अंत में, अगर आप मालिक या विज्ञापन लगाने वाली कंपनी हैं तो प्रोफेशनल इंजीनियर से स्ट्रक्चरल ऑडिट कराएं, उचित परमिट लें और मौसम के अनुसार बैक-अप फिक्सिंग रखें। मीडिया या पड़ोसी के रूप में घटना देख रहे हों तो शांत रहें, मदद को प्राथमिकता दें और प्रमाण सुरक्षित रखें।
मुंबई जैसे बड़े शहर में ऐसी घटनाएँ रोकने के लिए प्रशासन, कंपनियों और नागरिकों का मिलकर काम करना ज़रूरी है। छोटी सी रिपोर्टिंग ही किसी बड़े हादसे को रोक सकती है—तो देखे तो बताइए।
मुंबई में गिरे विशाल होर्डिंग से 73 गाड़ियां क्षतिग्रस्त, मलबा हटाने का कार्य जारी
सोमवार शाम को मुंबई के उपनगरीय इलाके घाटकोपर में भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण एक विशाल होर्डिंग गिरने से 16 लोगों की मौत हो गई और 75 अन्य घायल हो गए। बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) द्वारा एनडीआरएफ और मुंबई फायर ब्रिगेड की मदद से 66 घंटे तक चले बचाव अभियान के बाद मलबे से 73 क्षतिग्रस्त वाहनों को बाहर निकाला गया है।